मध्याह्न भोजन करना है तो बर्तन साफ करना होंगे। यह एक ऐसा नियम है जो सागर जिले के देवरी ब्लॉक में आने वाली शासकीय नवीन माध्यमिक शाला समनापुर खुर्द में लागू है। बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद खुद ही अपने बर्तन साफ करने होते हैं।
भले ही प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार सरकारी स्कूलों में बदलावों की बड़ी-बड़ी बातें करें, हकीकत कुछ और ही सामने आती है। सागर जिले के देवरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय नवीन माध्यमिक शाला समनापुर खुर्द में अंजलि सहायता समूह मध्याह्न भोजन बनाता है। इसके बाद छोटे-छोटे बच्चों को ही मध्याह्न भोजन के बाद थालियां धोनी होती हैं। वहां के शिक्षक ने 29 सितंबर 2022 को लिखित में अंजली स्वसहायता समूह की अध्यक्ष और सचिव को सूचित किया था कि मध्याह्न भोजन के बर्तन बच्चों से न धुलवाए जाएं। उसमें स्पष्ट लिखा है कि मेनू अनुसार पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए। लापरवाही के लिए जवाबदेही समूह की होगी। बच्चों से बर्तन न धुलवाए जाएं। इसकी जिम्मेदारी समूह की होगी।
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सागर के स्कूल में बर्तन धोते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारी बोले- जो खाना बनाता है, वह ही धोएगा बर्तन
अंजलि स्वसहायता समूह की ओर से बच्चों से बर्तन धुलवाने का मामला सामने आने पर जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी अभय श्रीवास्तव ने कहा कि इस विषय में जानकारी ली जा रही है। यह सही निकला तो उचित कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में जो बर्तन मांजने का काम है, वह रसोइयों द्वारा ही किया जाता है।
समूह की अध्यक्ष ने स्वीकारा- बच्चे धोते हैं बर्तन
अंजलि स्वसहायता समूह की अध्यक्ष ने भी स्वीकार किया कि सचिव खाना बनाती हैं और बच्चे बर्तन धोते हैं। हम भी कभी-कभी स्कूल आते हैं। हमें कोई बर्तन धोने वाला नहीं मिल रहा है। बर्तन धोने का काम भी छोटा ही है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।