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Indore News: अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा, पूर्व रॉ चीफ की बातों ने चौंकाया, बताया भारत का भविष्य
Sat, 20 Dec 2025 09:37 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 20 Dec 2025 09:37 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के लिट चौक कार्यक्रम में रॉ के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर बेबाक राय रखी। उन्होंने अमेरिका को भारत की प्रगति के लिए एक चुनौती बताया और वैश्विक बाजार में धन की शक्ति पर चर्चा की।
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पूर्व रॉ चीफ विक्रम सूद
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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इंदौर में आयोजित लिट चौक कार्यक्रम के दौरान रॉ के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत के लिए पाकिस्तान से ज्यादा बड़ा खतरा अमेरिका है। सूद के अनुसार पाकिस्तान भारत का बड़ा नुकसान करने की स्थिति में नहीं है, बल्कि भारत का अहित करने की कोशिश में वह खुद का ही नुकसान कर बैठता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की मंशा भारत को एशिया की महाशक्ति बनते देखने की नहीं है। सूद से कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुमित अवस्थी ने बातचीत की और कई रोचक सवाल पूछे।
वरिष्ठ पत्रकार सुमित अवस्थी ने सूद से सवाल किए।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
वैश्विक राजनीति में धन का महत्व
विक्रम सूद ने वैश्विक समीकरणों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज की दुनिया में सत्ता और नियंत्रण केवल पैसे के इर्द-गिर्द घूमते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका अपनी व्यापार नीतियों और टैरिफ के दम पर दुनिया को नियंत्रित करता रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय बदल रहा है और अमेरिका की पकड़ अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही। यही कारण है कि दुनिया के अन्य देश अब नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
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युवाओं के लिए सफलता के सूत्र दिए
कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए पूर्व रॉ प्रमुख ने जीवन के मंत्र भी साझा किए। उन्होंने कहा कि काम या नौकरी में दबाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने सलाह दी कि जब व्यक्ति अत्यधिक दबाव में हो, तो उस समय निर्णय लेने से बचना चाहिए। दबाव वाला समय बीत जाने के बाद ही सही और सटीक फैसला लिया जा सकता है।
डिजिटल डिटॉक्स की आवश्यकता
इसी कार्यक्रम में लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं को मोबाइल की लत से बचने की चेतावनी दी। द्विवेदी ने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण युवा अपनी प्रतिभा और शौक खोते जा रहे हैं। उन्होंने बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए कभी-कभी मोबाइल पूरी तरह बंद रखने यानी डिजिटल डिटॉक्स की सलाह दी।
विक्रम सूद ने वैश्विक समीकरणों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज की दुनिया में सत्ता और नियंत्रण केवल पैसे के इर्द-गिर्द घूमते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका अपनी व्यापार नीतियों और टैरिफ के दम पर दुनिया को नियंत्रित करता रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय बदल रहा है और अमेरिका की पकड़ अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही। यही कारण है कि दुनिया के अन्य देश अब नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
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डिजिटल डिटॉक्स की आवश्यकता
इसी कार्यक्रम में लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं को मोबाइल की लत से बचने की चेतावनी दी। द्विवेदी ने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण युवा अपनी प्रतिभा और शौक खोते जा रहे हैं। उन्होंने बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए कभी-कभी मोबाइल पूरी तरह बंद रखने यानी डिजिटल डिटॉक्स की सलाह दी।
