बालाघाट जिले के वारासिवनी तहसील के ग्राम बोदलकसा में एक घर में दो तेंदुए घुस आए। ये बकरी का शिकार करने घुसे थे। एक तेंदुआ बकरी को ले भागा, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने कमरे में ही बंद कर दिया। सुबह पेंच रिजर्व सिवनी की टीम ने उसे बेहोश कर पकड़ लिया है।
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ग्रामीण तेंदुए को लाठियां दिखाते रहे।
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के अनुसार मामला बुधवार रात का है। वारासिवनी तहसील अंतर्गत ग्राम बोदलकसा ग्राम में यादोराव बिसेन के घर पर तेंदुए का जोड़ा एक साथ घुस आया। घर के लोग कुछ समझ पाते उसके पहले ही एक तेंदुए ने बकरी का शिकार किया और मौके से भाग गया। दूसरा तेंदुआ कमरे में बैठा रहा। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे कमरे में बंद कर दिया। तेंदुए की खबर फैलते ही भारी भीड़ घर के बाहर जमा हो गई। वन विभाग को भी सूचना भेजी गई। वन विभाग की टीम रात में घर का पहरा देती रही। सुबह मौके पर पहुंची पेंच टाइगर रिजर्व की एक टीम ने तेंदुए को बेहोश किया। टीम की कमान संभालने वाले डॉक्टर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि यह लगभग 10 साल की मादा तेंदुआ है जो काफी कमजोर और बीमार है। इसका पूरी तरह से मैडिकल परीक्षण कर सुरक्षित जंगल मे छोड़ा जाएगा।
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तेंदुए के घर में घुसने की खबर लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण पटकते रहे लाठियां
जब तेंदुए को कमरे में बद कर लिया गया था तब कुछ ग्रामीणों ने बकरियों को बचाने के लिए तेंदुए को घेर लिया। दूर से उस पर टॉर्च से रोशनी की जा रही थी। लाठियां जमीन पर पटकी जा रही थीं। ग्रामीणों का मानना था कि इससे तेंदुए का ध्यान खुद को बचाने में लगेगा और वह बकरियों पर हमला नहीं करेगा। हालांकि वन विभाग की टीम के पहुंचते ही ग्रामीण दूर हो गए थे।