इन आईपीएस ने मुश्किल वक्त में बेहतर रणनीति बनाकर खुद को किया साबित, साथियों का रखते थे खास ध्यान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 02 Dec 2019 12:27 PM IST
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आईपीएस गुरुदर्शन सिंह
आईपीएस गुरुदर्शन सिंह - फोटो : amar ujala

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लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें गुरुदर्शन सिंह की अलग पहचान थी। संवेदनशील हालात से निपटने के लिए उनके पास हमेशा बेहतर रणनीति रहती थी।
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राजधानी के एसएसपी की कुर्सी कांटों के ताज से कम नहीं होती। सरकार की छवि खराब न हो और विरोधी दल भी नाराज न हो, ऐसा संतुलन हर कोई नहीं बना सकता। आईपीएस गुरुदर्शन सिंह ऐसे ही अधिकारी रहे, जिन्होंने सरकार के मुश्किल वक्त में बेहतर रणनीति बनाकर खुद को साबित किया तो विरोधी दल के नेताओं के भी प्रिय बने रहे।
22 अक्तूबर 1994 को राजधानी के एसएसपी बने गुरुदर्शन सिंह के कार्यकाल में राज्य कर्मचारियों ने जोरदार आंदोलन किया था। उस वक्त समाजवादी पार्टी की सरकार थी और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण होना था।
हजारों राज्य कर्मचारियों ने विधानसभा भवन का घेराव करने का एलान कर दिया। कांग्रेस और भाजपा भी उनके समर्थन में आ गई। मुख्यमंत्री ने एसएसपी गुरुदर्शन सिंह को बुलाकर लाठीचार्ज और किसी भी प्रकार की सख्ती से साफ मना कर दिया था। कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण और उनकी सुरक्षा तथा विधायक और मंत्रियों की सुरक्षा से कोई कोताही भी न हो।
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