दिनभर की दौड़भाग और काम के दबाव के कारण शरीर में थकावट होना सामान्य है, हालांकि अगर आपको हमेशा ही थकावट और कमजोरी लगने की समस्या बनी रहती है तो इसे बीमारियों का संकेत माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली की खराब आदतों जैसे धूम्रपान, आहार का सही न होना, नींद या व्यायाम की कमी, हृदय रोग, मधुमेह या थायराइड जैसी बीमारियों के कारण भी लोगों को थकान की समस्या हो सकती है। यही कारण है कि समय रहते थकान के वास्तविक कारण का पता चलना आवश्यक होता है।
आज का योग: क्या आपको भी रहती है अक्सर थकान की समस्या? इन योगासनों से मिलेगा लाभ
भुजंगासन योग
भुजंगासन योग या कोबरा पोज का नियमित अभ्यास न सिर्फ कमर और रीढ़ के दर्द से छुटकारा दिलाने में सहायक है, साथ ही यह थकान को दूर करके शरीर में ऊर्जा का संचार भी करता है। भुजंगासन का नियमित अभ्यास कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में भी सहायक माना जाता है। भुजंगासन योग को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
धनुरासन योग
जिन लोगों को अक्सर थकान की दिक्कत बनी रहती है, उन लोगों के लिए धनुरासन योग का नियमित अभ्यास भी अच्छा विकल्प माना जाता है। हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ शरीर में रक्त के संचार को बढ़ाने में यह योग काफी लाभदायक है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले आपको पेट के बल लेटना है और अपने घुटनों को अपने कूल्हों की ओर मोड़ना है। अब अपने हाथों से अपने टखनों को पकड़ें। अब अपने पैरों और बाजुओं को जितना हो सके ऊपर उठाएं और अपना चेहरा ऊपर रखें। जब तक आप कर सकते हैं तब तक इस मुद्रा में बने रहने का प्रयास करें।
थकान और शरीर की कमजोरी को दूर करने के साथ शरीर में नई ऊर्जा के संचार को बढ़ावा देने के लिए रोजाना ताड़ासन योग का अभ्यास किया जा सकता है। ताड़ासन या माउंटेन पोज, शरीर की सभी मांसपेशियों को फैलाती है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधे खड़े हो जाएं, हाथों को एकदम सीधा रखें। गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए स्ट्रेच करें। शरीर का भार पैर की उंगलियों पर रखें। कुछ सेकेंड्स के लिए इस स्थिति में रहें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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