Yoga Tips: 5 मई को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में पर्यावरण को संरक्षण देने और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का एक कारण वायु प्रदूषण है। प्रदूषित वायु प्रकृति पर जितना असर करती है, उतना ही घातक मानव शरीर के लिए भी होती है।
Yoga Tips: वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों को सबसे अधिक खतरा, इन योगासनों से हो सकता है स्वास्थ्य बचाव
कपालभाति प्राणायाम
संपूर्ण शरीर के स्वास्थ्य के लिए कपालभाति प्राणायाम लाभकारी माना जाता है। कपालभाति मानसिक और शारीरिक दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। कपालभाति प्राणायाम फेफड़ों को मजबूत बनाने के साथ ही श्वसन संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करता है। वायु मार्ग से बलगम को साफ करने, सूजन को कम करने और फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने में मदद करता है। वायु प्रदूषण के जोखिमों से बचाव के लिए नियमित रूप से इस योग का अभ्यास करें।
सुखासन योग
फेफड़ों की विसंगतियों को दूर करने के लिए सुखासन का अभ्यास कर सकते हैं। यह फेफड़ों में रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देकर फेफड़ों की मांसपेशियों से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। जो लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें नियमित रूप से सुखासन का अभ्यास करना चाहिए।
भुजंगासन योग से फेफड़ों को लाभ
भुजंगासन योग या कोबरा पोज, न केवल मानसिक शांति के लिए बेहतर अभ्यास है साथ ही छाती और फेफड़ों के लिए भी इसको काफी कारगर माना जाता है। रीढ़ को मजबूत करने और अस्थमा के लक्षणों से राहत दिलाने वाले इस योगासन को कमर दर्द की समस्या में भी लाभकारी पाया गया है। भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास की आदत हृदय रोगों के खतरे को कम करने में भी सहायक है।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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