अगर आप अपने हॉर्मोन्स को संतुलित करना चाहते हैं तो ये आसान से आसन आपकी मदद कर सकते हैं। कोई भी महिला या पुरुष इस आसन का लाभ उठा सकते हैं-
हॉर्मोन्स को संतुलित कर देंगे ये आसान से आसन, अपना कर देखिए तो सही
शशांकासन-
सबसे पहले आसन बिछा लें। दोनो पैरों को घुटनों से मोड़कर नितम्ब के नीचे रखें और एड़ियों पर बैठ जाएं। सांस लेते हुए हाथों को ऊपर तरफ करें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें और दोनों हाथों की हथेलियों को फर्श पर टिकाएं। अपने सिर को भी फर्श पर टिकाकर रखें। आसन की इस स्थिति में आने के बाद कुछ समय तक सांस को बाहर छोड़कर और रोककर रखें। कुछ समय इस स्थिति में रहे और फिर थोड़ी देर आराम करके इस आसन को दोहराएं। इसे 4 से 5 बार करें।
पश्चिमोत्तनासन-
दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएँ। एड़ी-पंजे आपस में मिलाकर रखें। दोनों हाथ बगल में सटाएं साथ ही कमर सीधी और निगाहें सामने रखें। दोनों हाथों को कान से सटाकर ऊपर उठाएं। अब सामने देखते हुए कमर को धीरे-धीरे झुकाएं। अपने दोनों हाथों से पैर के अँगूठे पकड़ें और माथे को घुटने से लगाएं। जब तक संभव हो इस स्थिति में खुद को रखें। फिर धीरे-धीरे पुरानी स्थिति में वापस आ जाएं।
सुखासन-
पालथी मारकर बैठ जाएं| अपने सिर गर्दन और पीठ को सीधा रखें। कंधों को ढीला छोड़ दें। दोनों हाथों को घुटनों पर तथा हथेलियों को ऊपर की ओर रखें| सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर आंखे बंद कर लें। लम्बी और गहरी सांस लेते रहे। इस आसन को 5-10 मिनट तक कर सकते है|
जानुशिरासन-
सबसे पहले आसन पर बैठ जाएं और अपने दोनों पैर को आगे फैलाएं। दोनों हथेलियों नितम्ब के अगल बगल आसन पर रहें। अब दाएं पैर को मोड़कर बाएं जांघ से मिलाएं। ध्यान रहे आपका दायां घुटना जमीन को सटा रहे। धीरे- धीरे सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए सामने की आगे की ओर धीरे -धीरे झुकते रहें। ध्यान रखें आपका हाथ कान से सटा हो। अब माथा घुटने से लगाकर एड़ी को दोनों हाथों से पकड़ लें। इस स्थिति में कुछ देर रुकने के बाद वापस पहले जैसी स्थिति में आ जाएं।