योग मुद्राओं का अभ्यास आमतौर पर दीमाग की शांति और शरीर को आराम पहुंचाने के लिए किया जाता है। लेकिन शिवानंद योग वेदांत सेंटर के अनुसार कुछ ऐसे भी योग हैं जिन्हें अपना जंगलों में रहने वाले योगी लोग गर्मी से राहत पाते हैं। जानें गर्मी से राहत दिलाने वाले पांच योग के बारे में। कहा जाता है कि हर इंसान की अंगुलियों में पांच तत्व मौजूद होते हैं। अंगुलियों का अलग तरह से आपस में स्पर्श होने पर शरीर में अलग अलग रासायनिक परिवर्तन होते हैं। योगाचार्य शमीम अख्तर के अनुसार, गर्मी से राहत दिलाने वाली योग मुद्राओं में चार ऐसी योग मुद्राएं हैं जिनमें से किसी एक का अभ्यास कर राहत पाई जा सकती है। अगली स्लाइड में देखें ये चार योग मुद्राएं।
भयानक गर्मी से राहत दिलाती हैं ये चार योग मुद्राएं
1-जल मुद्रा
इस मुद्रा में आपको योगासन में बैठकर आंखें बंद करनी हैं और फिर अगूंठा को सबसे छोटी अंगुली (कनिष्ठिका) से मिलाना है। ऐसा तब तक आपको करना है जब तक आप कर सकें। फायदे: इस योग मुद्रा से आपके आपके शरीर में पानी की कमी दूर होगी और शरीर में नमी बढ़ेगी। मुंह सूखने और झुर्रिया पड़ने में भी यह फायदेमंद है।
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2- पृथ्वी मुद्रा
ध्यान की मुद्रा में बैठकर अनामिका अंगुली और अंगूठे को एक साथ मिलाना होता है। ऐसा दोनों हाथों से एक साथ करना है। जितनी देर तक आप ऐसा कर कसते हैं करें। फायदे: इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से आपके शरीर में पृथ्वी तत्व बढ़ता है और इससे आपके शरीर में नमी बढ़ती है। इस योग के करने से थकावट दूर होती है। इसके अलावा एसीडिटी और तीव्र बुखार में भी इस योग मुद्रा से राहत मिलती है।
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3- शंख मुद्रा
इस योग मुद्रा में योगासन में बैठने के बाद बाएं हाथ के अंगूठे को दाहिने हाथ की मुट्ठी में इस प्रकार बंद करें कि दाहिने हाथ का अंगूठा बाएं हाथ की अंगुलियों से मिल जाए। ऐसा करने से एक शंख के आकार की मुट्ठ बन जाएगी जिसे सीने से लगाना है। जितनी देर तक ऐसा कर सकें करें। फायदे: शंख मुद्रा के फायदे- इस योग मुद्रा से शरीर का अग्नि तत्व कम होता है और वायु तत्व बढ़ता है। इस योग मुद्रा को करने से शरीर ठंडा होता है यहां तक कि बुखार में भी आराम मिलता है।
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4- प्राण मुद्रा
योगासन में बैठने के बाद अनामिका और कनिष्ठा अंगुलियों को अंगूठे से मिलाना है। ऐसा दोनों हाथ से करना है। ऐसा तब तक करना है जब तक आप कर सकते हैं। फायदे- इस योग मुद्रा से शारीरिक गर्मी तो दूर होती ही है साथ ही गुस्सा भी शांत होता है। इसका अभ्यास थॉयरायड की समस्या और जोड़ों के दर्द में के लिए भी किया जा सकता है।