लचीलेपन हको अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के प्रमुख तत्वों में से एक माना जाता है। हालांकि उम्र बढ़ने,गतिहीन जीवन शैली, तनाव या अनुचित मुद्रा जैसे कई कारक लचीलेपन के स्तर को समय के साथ बिगाड़ सकते हैं। यदि आप शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देना चाहते हैं तो नियमित रूप से योग का अभ्यास करना आपके लिए सर्वोत्तम तरीकों में से एक हो सकता है। अपने लचीलेपन को बढ़ाने के साथ-साथ, विशिष्ट योग मुद्रा का अभ्यास करने से आपको मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और तनाव -चिंता की भावनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
आज का योग: शरीर के लचीलेपन में सुधार करते हैं ये योगासन, आपको भी करने चाहिए इनके अभ्यास
कैट काऊ पोज
कैट काऊ पोज का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके कोर, गर्दन, कंधों और रीढ़ में गतिशीलता और लचीलेपन में सुधार के लिए सबसे बेहतर तरीका हो सकता है। कैट काऊ पोज का अभ्यास कमर से लेकर सर्वाइकल तक के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। शरीर के संतुलन में सुधार करने के साथ, रीढ़ और गर्दन को मजबूत करने और उन्हें फैलाने, कूल्हों, पेट और पीठ को स्ट्रेच करने में भी इस योग को कारगर माना जाता है।
धनुषासन योग
धनुषासन योग, शरीर की कई मांसपेशियों को फैलाने में मदद करती है। यह आपकी मुख्य मांसपेशियों के साथ-साथ आपकी पीठ, छाती, ग्लूट्स और पैरों की मांसपेशियों के लचीलेपन को बढ़ाने में मदद कर सकता है। कमर और पीठ के दर्द को दूर करने के साथ छाती की मांसपेशियों को खोलने में भी इस योग के नियमित अभ्यास को काफी लाभदायक माना जाता है।
हलासन योग
यह मध्यवर्ती स्तर का योगासन आपके गर्दन, कंधों और रीढ़ में तनाव को कम करने में मदद करता है। शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के लिए भी इस योग के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। हालांकि अगर आपको अपनी गर्दन, पाचन या रक्तचाप की कोई चिंता है तो इस मुद्रा को करने से बचें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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