कोरोना का यह समय तमाम तरह की अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। कोरोना के कारण समाज में मचे हाहाकार, बेरोजगारी और आर्थिक संकट ने लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावित किया है। आलम यह है कि ज्यादातर लोग तनाव और चिंता जैसी समस्याओं के शिकार हो गए हैं। तनाव की स्थिति स्वाभाविक रूप से ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। इस तरह की समस्या का लंबे समय तक बने रहने का असर लोगों को हृदय के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर की स्थिति को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद खतरनाक मानते हैं।
ब्लड-प्रेशर की समस्या: सांस लेने वाले इन योगाभ्यास से मिलेगा लाभ, हृदय रोगों का खतरा भी होगा कम
रक्तचाप को कम करते हैं सांस वाले व्यायाम
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ विशिष्ट प्रकार के सांस वाले व्यायाम रक्तचाप को कम करने और हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में फायदेमंद हो सकते हैं। धीमी और गहरी सांस लेने वाली यह तकनीक पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करती है जो हृदय गति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। धीमी और गहरी सांस लेने वाले व्यायाम शरीर को शांत रखने में भी सहायक होते हैं। तनावपूर्ण परिस्थितियों में गहरी सांस वाले अभ्यास करके आप किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का आसानी से सामना कर सकते हैं। यही कारण है कि इन अभ्यास को ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
30 सेकेंड वाले अभ्यास
जापान में रक्तचाप की समस्याओं से जूझ रहे 20,000 व्यक्तियों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, केवल 30 सेकेंड तक गहरी सांसें लेने से भी रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। अध्ययन के मुताबिक 30 सेकंड के भीतर छह गहरी सांस लेने से सिस्टोलिक रक्तचाप को कम किया जा सकता है। इन अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं। अपनी रीढ़ को सीधा रखें, अपनी आँखें बंद करें और शरीर को आराम की मुद्रा में रखें। 30 सेकंड के लिए टाइमर सेट करें और इस दौरान 6 गहरी सांसें लें। इस अभ्यास को कई बार दोहराया जा सकता है।
डायाफ्रामिक ब्रदिंग
इस योगाभ्यास में पेट, पेट की मांसपेशियों और डायाफ्राम तीनों का अभ्यास हो जाता है। इसका रोजाना अभ्यास करने से हृदय गति धीमी करने और रक्तचाप को स्थिर करने में मदद मिल सकती है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले अपने घुटनों और सिर के नीचे एक तकिया लगाकर आराम से लेट जाएं। अब सांस लें और ध्यान दें कि सांस लेते समय आपका पेट कैसे ऊपर उठता है। अब धीरे-धीरे अपने मुंह से सांस छोड़ें। इस व्यायाम को 10 बार दोहराएं।
श्वास पर नियंत्रण प्राप्त करने वाले अभ्यास स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। यही कारण है कि तनावग्रस्त लोगों को प्राणायाम करने की सलाह दी जाती है। सांस वाले अभ्यास शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जो दिल की धड़कन और रक्तचाप की अनियमितता को ठीक करने में मददगार साबित हो सकते हैं। ऐसे में प्राणायाम का नियमित रूप से अभ्यास तनाव को कम करने के साथ मस्तिष्क के कार्यों को ठीक करने में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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