Yoga During Navratri 2026: नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों के लिए खानपान के साथ शारीरिक सक्रियता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। व्रत में आलू, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन खूब खाए जाते हैं। वहीं, घी और फलाहारी तेल का अधिक इस्तेमाल भोजन की कैलोरी बढ़ा सकता है।
शारदीय नवरात्रि 2026: नवरात्रि व्रत में घी-आलू खाने से बढ़ेगा वजन? रोज करें ये 5 योगासन
Navratri Vrat Yoga Tips: नवरात्रि में व्रत के पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेते हुए भी फिटनेस पर ध्यान दिया जा सकता है। इसके लिए भोजन की मात्रा संतुलित रखें, नियमित रूप से सक्रिय रहें और अपनी क्षमता के अनुसार योग करें।
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर का संतुलन सुधारने और शरीर की मुद्रा बेहतर बनाने वाला आसान योगासन है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हों, पैरों को पास रखें और धीरे-धीरे हाथ ऊपर उठाते हुए एड़ियों को ऊपर करें। अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं। शुरुआत में इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन शरीर के किनारों, पैरों और कमर के आसपास खिंचाव पैदा करता है। दोनों पैरों के बीच उचित दूरी रखकर खड़े हों। एक हाथ को पैर की ओर झुकाएं और दूसरे हाथ को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड बाद दूसरी तरफ से यही प्रक्रिया दोहराएं। कमर या संतुलन से जुड़ी समस्या होने पर सावधानी बरतें।
भुजंगासन
भुजंगासन पीठ और रीढ़ के आसपास के हिस्से में लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकता है। पेट के बल लेटकर हथेलियां कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती को आराम से ऊपर उठाएं। कमर पर ज्यादा दबाव न डालें और दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन में पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ा जाता है और पैरों को जमीन पर रखा जाता है। इसके बाद सांस लेते हुए कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुककर सामान्य स्थिति में लौट आएं। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।