मधुमेह, मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी से संबंधित विकार है, इसमें रक्त शर्करा का स्तर काफी तेजी से बढ़ने लगता है जिसके कारण शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। ब्लड शुगर का कम या अधिक होना दोनों ही गंभीर स्थिति है, ऐसे में सभी लोगों को इसे नियंत्रित रखने के उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है। पर सिर्फ आहार संबंधी सुधार को विशेषज्ञ ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त नहीं मानते हैं, इसके लिए शारीरिक सक्रियता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
International Yoga Day 2022: क्या ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं योगासन, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
धनुरासन योग का करिए अभ्यास
धनुरासन योग मुद्रा अग्न्याशय को मजबूत करने में मदद करती है, इसलिए इसे मधुमेह वाले रोगियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके अतिरिक्त यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, पाचन को बढ़ावा देने और शारीरिक निष्क्रियता को दुष्प्रभावों को कम करने के लिए भी कारगर अभ्यास है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें दिनचर्या में इस योगाभ्यास को जरूर शामिल करना चाहिए।
बालासन योग का अभ्यास
बालासन या चाइल्ड पोज योग आपके हैमस्ट्रिंग, रोटेटर मांसपेशियां और स्पाइनल एक्सटेंसर का अभ्यास करने में सहायक है। ऐसे में यह तनाव, थकान और पीठ और गर्दन के दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है। बालासन योग को विशेषज्ञ डायबिटीज की समस्या को कंट्रोल करने के लिए सबसे कारगर योगासनों में से एक मानते हैं। यह योगाभ्यास इंसुलिन-उत्पादक बीटा कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद करता है।
भुजंगासन योग
भुजंगासन योग, शरीर को आराम देने के साथ दिमाग को भी शांत करने वाला अभ्यास है। यह आपके मस्तिष्क के तनाव को कम करने के साथ शरीर के अंगों में रक्त संचार बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है। डायबिटीज के शिकार लोग इस योग के अभ्यास की आदत बनाकर रक्त शर्करा को आसानी से कंट्रोल करके मधुमेह की समस्या में लाभ पा सकते हैं। इस योग को पीठ और कमर की समस्याओं में भी काफी कारगर माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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