स्ट्रोक, वैश्विक स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के रूप में जाना जाता है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। स्ट्रोक को ब्रेन अटैक भी कहा जाता है। मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध होने या फिर मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं के फटने के कारण स्ट्रोक हो सकता है। स्ट्रोक के कारण ब्रेन डैमेज, विकलांगता, कोमा या फिर गंभीर स्थितियों में मृत्यु भी हो सकती है।
Yoga Tips: स्ट्रोक के कारण हर साल लाखों की हो जाती है मौत, इन योगासनों के अभ्यास से कम कर सकते हैं जोखिम
बालासन योग का करें अभ्यास
बालासन योग कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, इससे तंत्रिकाओं को आराम मिलता है जिससे स्ट्रोक के जोखिम को कम किया जा सकता है। बालासन योग रक्तचाप को कम करने में भी सहायक अभ्यास है, हाई ब्लड प्रेशर के कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस योग का अभ्यास पीठ, गर्दन और कंधों से तनाव को दूर करने में मदद करती है। बालासन, मस्तिष्क को भी आराम देने का अभ्यास है जिससे तंत्रिकाओं के विकारों का जोखिम कम होता है।
विपरीत करणी आसन से लाभ
विपरीत करणी आसन को न्यूरॉन्स को उत्तेजित करने में मददगार बताया गया है। चिंता के लक्षणों को कम करने के लिए प्रभावी यह योग आसन पीठ के निचले हिस्से में दर्द से भी राहत देता है। दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाने वाले इस योग मुद्रा से रक्त का संचार ठीक रहता है। तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने के अलावा यह योग आसन शरीर के अंदर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। यह आपके कंधों और ऊपरी शरीर को ताकत प्रदान करने में भी मदद करता है।
वृक्षासन योग की बनाएं आदत
वृक्षासन योग (ट्री पोज़) ऐसी योग मुद्रा है जो पैरों में स्थिरता को बेहतर बनाने में मदद करती है। इस योग मुद्रा से सांसों को सुचारू बनाने, मन को शांत करने और ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है। ट्री पोज़ के अभ्यास से तंत्रिकाओं को भी आराम मिलता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है, ऐसे में यह अभ्यास स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों से बचाने में आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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