मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही बीमारियों में से अधिकतर के लिए लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है। डायबिटीज से लेकर हृदय रोग, कमर से लेकर पैरों में दर्द और कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए भी लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं, ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने या घर में रहने वाले लोगों का दिनभर लेटे-लेट टीवी देखते रहने जैसी आदत सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के जोखिम को बढ़ा देती है। ऐसे लोगों की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है जिसके कारण शरीर पर कई प्रकार नकारात्मक असर हो सकता है।
Yoga Tips: लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण बढ़ती जा रही हैं समस्याएं, इन योगासनों की आदत बनाकर रहिए स्वस्थ
कोबरा पोज योग के लाभ
कोबरा पोज यानी कि भुजंगासन का अभ्यास सिर से लेकर पैरों तक की सभी बड़ी मांसपेशियों के लिए कारगर हो सकता है। यह आसान सिरदर्द को ठीक करने, आपकी नसों को आराम देकर मन को शांत करने और तनाव की समस्या को कम करने में आपके लिए सहायक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण कमर और पीठ के दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है, ऐसे लोगों के लिए भी कोबरा पोज योग के अभ्यास की आदत विशेष लाभप्रद हो सकती है।
बालासन योग से मिलता है लाभ
बालासन योग जिसे चाइल्ड पोज के रूप में भी जाना जाता है, इसका अभ्यास शरीर को आराम देने और मांसपेशियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त तनाव को कम करने में आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है। इस योग के अभ्यास के दौरान पेट को धीरे से संकुचित करके पाचन को ठीक रखने और पीठ के अभ्यास से रक्त परिसंचरण को सुधारने में मदद मिल सकती है। शरीर से मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखकर अपशिष्ट को बाहर निकालने और आपके दिमाग को शांत करने में भी इस योग के लाभ हो सकते हैं।
हलासन योग का करें अभ्यास
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में हलासन योग जिसे प्लो पोज के रूप में जाना जाता है उसका अभ्यास करना शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। तनाव और अनिद्रा जैसी तेजी से बढ़ती समस्याओं के जोखिम को कम करने में हलासन योग का अभ्यास आपके लिए मददगार हो सकता है। जब हम तनावग्रस्त होते हैं तो पर्याप्त नींद नहीं मिलती है, जिसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। हलासन योग का अभ्यास करना इसमें आपके लिए सहायक है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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