World Asthma Day अस्थमा श्वास संबंधी घातक क्रोनिक बीमारी है, जिससे दुनिया की एक बड़ी आबादी परेशान है। अस्थमा शरीर का वायुमार्ग प्रभावित करता है, जिससे सांस लेने में समस्या हो सकती है। अस्थमा की शिकायत किसी भी उम्र में हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अस्थमा के कारण वायु मार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं, इसके अलावा अतिरिक्त बलगम का उत्पादन होने लगता है। इस कारण फेफड़ों में हवा का आना-जाना मुश्किल हो जाता है।
World Asthma Day 2023: अस्थमा की दिक्कत नहीं हो रही ठीक? जानिए किन आसनों के अभ्यास से मिलेगा शीघ्र लाभ
सेतुबंधासन योग
इस योग को ब्रिज पोज कहते हैं। अस्थमा से परेशान लोगों के लिए सेतुबंधासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। इस योग को करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। अब हथेलियों को खोलते हुए हाथ जमीन में बिल्कुल सीधा सटा लें। सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान कंधे और सिर को सपाट जमीन पर रखें। फिर सांस छोड़ते हुए पुरानी स्थिति में आ जाएं।
भुजंगासन का अभ्यास
भुजंगासन को कोबरा पोज कहते हैं। इस योग से पीठ और पेट को आराम मिलता है, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटकर हथेली को कंधे के नीचे रखें और सांस लेते हुए शरीर के अगले भाग को ऊपर की ओर उठाएं। इस अवस्था में 10-20 सेकेंड्स रखें और सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस अभ्यास को नियमित रूप से 10-15 बार किया जा सकता है।
पवनमुक्तासन
अस्थमा रोगियों के लिए पवनमुक्तासन का अभ्यास काफी फायदेमंद हो सकता है। इस योग को करने के लिए पीठ के बल सीधा लेट जाएं और दोनों पैरों को मिलाते हुए हथेली को जमीन पर सटाएं। अब दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए छाती तक लगाएं। अब दोनों हाथों की उंगलियों को मिलाते हुए घुटने से थोड़ा नीचे होल्ड कर लें। पैरों से छाती पर दबाव बनाते हुए धीरे धीरे सांस बाहर की ओर छोड़ें।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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