Yoga Tips: मानसिक और शारीरिक सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास लाभदायक होता है। योग के कई फायदे हैं। योग का प्रतिदिन अभ्यास करने से कई तरह की बीमारियों से तो राहत मिलती ही हैं, मानसिक आराम भी मिलता है। लेकिन अक्सर लोग योगाभ्यास करते समय कुछ सामान्य गलतियां कर जाते हैं। जिनका शरीर पर गलत असर पड़ सकता है। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि किसी योगासन को करने का सही तरीका क्या है। वैसे तो कई सारे अलग अलग योगासन हैं, लेकिन इनमें सूर्य नमस्कार बेसिक और पहले चरण का योगाभ्यास है। सूर्य नमस्कार के अभ्यास के लिए न तो आपको किसी उपकरण की जरूरत होती है, न ही जगह या समय की सीमा होती है। हालांकि इसे सूर्योदय के समय करना फायदेमंद हो सकता है। सही तरीके से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से सेहत को अनगिनत फायदे मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं कि सूर्य नमस्कार के क्या फायदे हैं, सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका और सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय किन गलतियों को करने के बचना चाहिए।
Yoga Tips: सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय भूलकर भी न करें ये पांच गलतियां, जानें सही तरीका और फायदा
सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार का अर्थ इसके नाम से ही स्पष्ट है। ऐसा आसन जिसमें सूर्य को नमस्कार करना हो। सूर्य नमस्कार के अंतर्गत 12 अलग अलग योगासनों का अभ्यास किया जाता है। जितने अधिक सूर्य नमस्कार के आसन बिना रुके आप करते हैं, उतनी ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। इस आसन को करने से शरीर में अतिरिक्त चर्बी कम होती है और वजन नियंत्रित होता है।
जिन लोगों को वजन कम करना है, उन्हें सबसे पहले सूर्य नमस्कार के अभ्यास को करना चाहिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक सूर्य नमस्कार करने से शरीर की जितनी कैलोरी बर्न होती है, उतनी रनिंग, साइकलिंग, किसी स्पोर्ट्स, वेटलिफ्टिंग या किसी अन्य वर्क आउट से भी नहीं होती। सूर्य नमस्कार के जितने ज्यादा सेट आप करेंगे,उतनी कैलोरी को आसानी से बर्न कर सकते हैं।
सूर्य नमस्कार करते समय न करें ये गलतियां
सांस लेने की गलत तकनीक
सूर्य नमस्कार सांस पर आधारित योगासन हैं। इसका अभ्यास करते समय शरीर की गतिविधियों के साथ आपकी सांसों का तालमेल होना चाहिए। लेकिन अक्सर लोग श्वसन तकनीक का सही तरीके से पालन नहीं करते।
हस्त उत्तानासन न करना
सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में एक हस्त उत्तानासन हैं, जिसे एक राउंड में दो बार किया जाता है। इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। लेकिन योगाभ्यास करने वाले हस्त उत्तानासन को छोड़ देते हैं, जिससे उनकी सांस और गति के बीच संतुलन टूट जाता है।
चतुरंग दंडासन में गलतियां
सूर्य नमस्कार करते समय चतुरंग दंडासन किया जाता है। जिसमें शरीर को हथेलियों या पैर की उंगलियों के सहारे सीधा और जमीन के बराबर रखा जाना चाहिए। लेकिन लोग इस आसन को करते समय अक्सर ही गलती करते हैं। इससे उनकी निचली रीढ़ पर दबाव बनता है। जब योगी का निचला शरीर फर्श पर झुक जाता है तो उनको पीठ दर्द की समस्या होने लगती है।