लत भी तरह-तरह की होती हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो काम के लती होते हैं। इन्हें 'वर्कएल्कोहलिक' कहते हैं। ऐसे लोग जो दफ्तर में ज्यादा घंटे गुजारते हैं। घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। अक्सर उन्हें गर्दन और पीठ का दर्द सताता है। अब ये लोग वर्कएल्कोहलिक हैं तो जाहिर सी बात है कि इनके पास योग करने का वक्त भी नहीं होगा। इसलिए दफ्तर के बीच में ही करें ये योगासन और दर्द से रहें दूर।
काम के लती लोगों के लिए जरूरी हैं योग के ये दो आसन
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गर्दन के घुमाव के साथ लें लंबी सांसे
बिल्कुल सीधे होकर पहले सुखासन में आराम से बैठें। घर में तो चटाई पर ही ये आसन होते हैं। लेकिन ऑफिस में कुर्सी में भी बैठकर ये आसन किया जा सकता है। अब लंबी गहरी सांस लेते हुए गर्दन दायीं तरफ मोड़ें। फिर धीरे-धीरे सांस बाहर निकालते हुए गर्दन बीच में लाएं। अब दोबारा लंबी गहरी सांस लेते हुए गर्दन बायीं तरफ मोड़ें फिर सांस छोड़ते हुए गर्दन बीच में लाएं।
ठोड़ी को छाती की तरफ पूरी तरह से झुकाएं। फिर घड़ी की उलटी दिशा में गर्दन को ले जाएं। अब आगे की तरफ देखते हुए इसे बीच में लाएं। अब यही प्रक्रिया घड़ी की दिशा की तरफ में भी करें। ऐसा दो कम से कम दो मिनट तक करें।
इस आसन को करेंगे तो रहेंगे फ्रेश
गर्दन और पीठ का दर्द कई बार मनोवैज्ञानिक कारणों से भी होता है। गोमुख आसन तन और मन दोनों की थकान को मिटाकर ऊर्जावान बनाता है। लगातार काम का दबाव हमारी मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है। इससे पीठ और कमर में दर्द होने लगता है।
ऐसे करें ये आसन
दफ्तर में हैं तो कुर्सी पर पलथी लगाकर बैठें। अपने बाएं पैर को मोड़ कर बाएं तलवे को दाएं हिप्स के पीछे लाएं। दाएं पैर को मोड़कर दाएं तलवे को बाएं हिप्स के पीछे लाएं। अपनी हथेलियों को पैरों पर रखें। शरीर के ऊपरी भाग को सीधा रखे। बायीं कोहनी को मोड़कर हाथों को पीछे की ओर लाएं। सांस खींचते हुए दाएं हाथ को ऊपर उठाएं। दायीं कोहनी मोड़कर दाएं हाथ को पीछे ले जाएं। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ें। दोनों हाथों को हल्के से अपनी दिशा में खींचें।