संपूर्ण फिटनेस के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। हम में से ज्यादातर लोग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं, पर इन सबके बीच मानसिक सेहत को जाने-अनजाने नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ मन से ही, स्वस्थ शरीर का निर्माण होता है ऐसे में सभी लोगों को शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत को लेकर लगातार प्रयास करते रहने चाहिए।
आज का योग: संपूर्ण शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए कीजिए यह तीन प्राणायाम, कई बीमारियों से रहेंगे सुरक्षित
कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास
कपालभाति प्राणायाम को सबसे बेहतर योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। मस्तिष्क के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में इस योगाभ्यास के लाभ होते हैं। पाचन संबंधी समस्याओं में सुधार करने के साथ गैस्ट्रिक से संबंधित कई तरह की दिक्कतों को कम करने में कपालभाति प्राणायाम आपके लिए मददगार माना जाता है। इस योगासन को करने से अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है। यह एंडोर्फिन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे आपका मूड बेहतर बना रहता है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए इस योग को वरदान माना जाता है।
अनुलोम विलोम प्राणायाम
तनाव कम करने के साथ कार्डियोवैस्कुलर फ़ंक्शन में सुधार तक के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम मददगार हो सकता है। नियमित रूप से इस योग का अभ्यास फेफड़ों के कार्य और श्वसन शक्ति में भी सुधार करता है, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक है। जिन लोगों को अक्सर तनाव-चिंता की समस्या बनी रहती है, उनके लिए भी इस योग के नियमित अभ्यास को लाभप्रद माना जाता है।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास के दौरान भंवरों के गुंजन जैसी आवाज आती है। मानसिक शांति को बढ़ावा देने के साथ भ्रामरी प्राणायाम रक्तचाप को कंट्रोल करता है, जिससे हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है। यह मस्तिष्क के तनाव को दूर करने, बेहतर नींद प्राप्त करने और मस्तिष्क के नसों को शांत करने में भी काफी सहायक योग है। याददाश्त को बढ़ाने के लिए भी इस योग के अभ्यास की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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