शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। मेटाबॉलिज्म, शरीर की कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया है जो भोजन को ऊर्जा में बदलती हैं। मेटाबॉलिज्म ठीक रहने से भोजन से अधिकतम पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं। वही इसमें होने वाली समस्या वजन बढ़ने, डायबिटीज और कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
Yoga Tips: मेटाबॉलिज्म ठीक तो वजन बढ़ने की चिंता नहीं, ये योगाभ्यास हो सकते हैं मददगार
मेटाबॉलिज्म के लिए हलासन का अभ्यास
हलासन योग के लिए पैरों को सिर के ऊपर से होते हुए पीछे की ओर ले जाने की आवश्यकता होती है, यह थायरॉयड, एड्रिनल और पिट्यूटरी ग्रंथियों में रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है, जिससे फील-गुड, एंडोर्फिन और अन्य आवश्यक हार्मोन रिलीज होते हैं, ये मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने और इसे बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं। हलासन योग, शरीर को स्ट्रेच करने और पाचन अंगों के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है।
शलभासन योग के लाभ
शलभासन योग को कई प्रकार से शरीर के लिए लाभकारी अभ्यासों में से एक माना जाता है, विशेषतौर पर मेटाबॉलिज्म से संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने में इस योग के लाभ देखे गए हैं। यह डायबिटीज को कंट्रोल करने और वजन को बढ़ने से रोकने के लिए भी बेहतरीन अभ्यास है।
रीढ़ को लचीला बनाने के साथ गर्दन, कंधे, हाथ और पीठ को मजबूती देने में इस योग के लाभ देखे गए हैं। पेट के अंगों को उत्तेजित करके पाचन में सुधार करने में भी शलभासन के फायदे हो सकते हैं।
धनुरासन योग का करें रोजाना अभ्यास
धनुरासन योग पाचन क्रिया को ठीक करने के साथ रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में फायदेमंद माना जाता है। किडनी, लिवर, अग्न्याशय और आंतों के लिए भी इससे फायदे हो सकते हैं। पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूती देने और मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाकर डायबिटीज जैसी समस्याओं और इसकी जटिलताओं को कम करने में इस अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। यह तनाव और थकान को कम करने में भी लाभकारी है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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