Yoga Asanas For Better Sleep : स्वास्थ्य के लिए नींद बेहद आवश्यक है। अच्छी और गहरी नींद न आने से दिनचर्या प्रभावित होती है, साथ ही मानसिक विकारों की संभावना हो सकती है। नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे, तनाव और चिंता के कारण नींद नहीं आती है। अपचय विकार जैसे गैस्ट्रिक की समस्या, एसिडिटी के कारण नींद नहीं आती। इसके अलावा अनियमित खानपान, व्यायाम की कमी, लंबा स्क्रीन टाइम भी नींद प्रभावित करता है। अगर आप भी रात में सो नहीं पाते या गहरी नींद न आने से परेशान हैं तो कुछ योगासनों के अभ्यास की आदत बना सकते हैं। योग अनिद्रा की शिकायत को कम करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
Yoga Tips: नहीं आती है रात में नींद तो करें इन योगासनों का अभ्यास, अनिद्रा की समस्या होगी दूर
अगर आप भी रात में सो नहीं पाते या गहरी नींद न आने से परेशान हैं तो कुछ योगासनों के अभ्यास की आदत बना सकते हैं। योग अनिद्रा की शिकायत को कम करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
बालासन
रात में अच्छी और गहरी नींद चाहते हैं तो बालासन के अभ्यास की आदत बना लें। इससे दिमाग शांत रहता है। इस आसन को करने के लिए मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठकर श्वास अंदर की ओर लें और हाथों को सीधा ऊपर की ओर ले जाएं। सांस बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। इस दौरान हथेलियों और सिर को जमीन पर टिका लें। सांस अंदर लेते और छोड़ते हुए उंगलियों को आपस में जोड़े और सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें।
शवासन
तंत्रिका तंत्र को शांत रखने और थकी हुई मांसपेशियों व कंधों को आराम दिलाने के लिए शवासन का अभ्यास करें। शवासन करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को कुछ गैप देकर फैला लें। फिर पैरों के पंजे की तरफ शरीर को ढीला छोड़ते हुए आराम से श्वास लें और पूरा शरीर ढीला छोड़ दें।
उत्तानासन
उत्तनासन के अभ्यास से जल्द नींद में फर्क दिख सकता है। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले सीधे खड़े होकर लंबी श्वास लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। अब श्वास छोड़े और हाथों को नीचे जमीन की ओर ले जाएं। इस दौरान पैरों के अंगूठे को छूने का प्रयास करें। कुछ देर इसी अवस्था में रहें।
शलभासन
रात में बार-बार नींद खुल जाती है, या करवटें बदलते रहते हैं तो शलभासन का अभ्यास शुरू कर दें। इस योग के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियों को जांघों के नीचे रखें। फिर दोनों पैर की एड़ियों को आपस में जोड़ते हुए पंजे को सीधा करें। धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाने का प्रयास करें और गहरी सांस लेते हुए इसी अवस्था में कुछ देर रहें।
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