करीब दो दशक पहले बालों के झड़ने की समस्या को जीवन के मध्यकाल से जोड़कर देखा जाता था। हालांकि अब लोगों को बहुत ही कम उम्र में ही इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली की खराब आदतें, आनुवंशिक विकार, धूम्रपान, भोजन की गुणवत्ता में कमी और अधिक तनाव की स्थिति कम उम्र में ही लोगों को इस तरह की परेशानी में डाल रही है। बालों का पतला होना और स्कैल्प संबंधी दिक्कतें भी कम उम्र में ही बालों के झड़ने का कारण हो सकती हैं।
राहत: बालों के झड़ने की समस्या से हैं परेशान तो इन योगासनों से पा सकते हैं लाभ, नए बाल भी आएंगे
बालों को झड़ने से रोकने में कितना करागर है योग
साल 2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार अत्यधिक तनाव, बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। ज्यादा तनाव लेना शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है जो (आमतौर पर अस्थायी रूप से) बालों के विकास को धीमा कर देती है। योग के माध्यम से तनाव के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं साल 2016 के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि कई योगासन, सीरम कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं जो तनाव को बढ़ा देता है।
अधोमुख शवासन
योगगुरुओं के मुताबिक अधोमुख शवासन, खोपड़ी में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। बालों की समस्या को दूर करने में इस योगासन के कई लाभ हो सकते हैं। इस योग को करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों और पैरों को जमीन पर स्थिर करें। अब शरीर को एक मेज़ की स्थिति में ले आयें। अब हाथों पर शरीर का सारा जोर देते हुए पैरों को उल्टे वी आकार में फैलाएं। रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर खींचें। एक मिनट तक इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
वज्रासन
बालों के झड़ने की समस्या को कम करने में इस योगासन को काफी प्रभावी माना जाता है। शरीर में रक्त के संचार को ठीक रखने में यह योगासन काफी फायदेमंद हो सकता है। इसे करने के लिए पंजों के बल बैठ जाएं और शरीर का भार अपनी एड़ियों पर छोड़ दें। दोनों हथेलियों को अपनी जांघों पर रखें और कमर सीधी रखें। गहरी सांस लें। इस योगासम को रोज 5-7 मिनट तक जरूर करना चाहिए।
बालासन
बालासन यानी चाइल्ड पोज तनाव को कम करने में सबसे फायदेमंद आसनों में से एक है। रोजाना खाली पेट सुबह इस आसन का अभ्यास तमाम बीमारियों में राहत देता है। इस योगाभ्यास को करने के लिए मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब श्वास अंदर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हथेलियों और सिर को ज़मीन पर टिकाएं। लंबी श्वास अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें। रोजाना इस अभ्यास को करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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