शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ और निर्बाध रूप से काम करते रहने के लिए रक्त का परिसंचरण का सही होना आवश्यक माना जाता है। रक्त का संचार ठीक बने रहने से सभी अंगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलता रहता है, जिससे कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं। इसमें होने वाली गड़बड़ी की समस्या कई प्रकार के रोगों का कारण बन सकती है।
Yoga Tips: सिर में रक्त परिसंचरण की कमी से हो सकती हैं ऐसी दिक्कतें, किन योगासनों से मिलेगा इसमें लाभ?
सिर में रक्त परिसंचरण की कमी
कई कारणों से सिर में रक्त परिसंचरण की कमी हो सकती है। वर्टेब्रोबैसिलर सर्कुलेशन डिसआर्डर भी ऐसी समस्या है जो मस्तिष्क के पिछले हिस्से में रक्त के प्रवाह को कम कर देती हैं। इस कारण से चक्कर आना और बोलने में कठिनाई हो सकती है।
कई अलग-अलग स्थितियां भी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को कम या बंद कर सकती हैं। इसमें धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल आदि सबसे आम जोखिम कारक हैं। नियमित योगासनों के अभ्यास से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित योगासन बहुत जरूरी होते हैं।
शीर्षासन योग का अभ्यास
मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने में शीर्षासन योग का अभ्यास सबसे प्रभावी माना जाता है। इस योग की आदत बनाकर मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने के साथ तनाव दूर करने और फोकस बढ़ाने में मदद मिल सकती है। खोपड़ी में रक्त प्रवाह बढ़ने से आंखों और बालों के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी मददगार है।
अधोमुख शवासन अभ्यास
रक्त संचार विशेषकर, सिर में रक्त के संचार को ठीक बनाए रखने में अधोमुख शवासन योग को विशेषज्ञ काफी लाभप्रद मानते हैं। मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के साथ तनाव और चिंता जैसी मानसिक परेशानियों को दूर करने, पैरों की मांसपेशियों को मजबूती देने, पीठ के निचले हिस्से में दर्द को कम करने में इसके लाभ के बारे में पता चलता है। अधोमुख शवासन योग पूरे शरीर की मांसपेशियों की सक्रियता को बढ़ाने में काफी मददगार है, इसका नियमित अभ्यास सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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