शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यायाम और शारीरिक गतिविधि की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आज के समय में कम उम्र में ही लोग कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। एक दशक पहले तक जिन रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, अब युवाओं में भी उनका निदान हो रहा है। इन सब के पीछे शारीरिक निष्क्रियता को मुख्य कारण माना जाता है। वहीं यदि नियमित रूप से व्यायाम किया जाए तो कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से जीवनभर सुरक्षित रहा जा सकता है।
आज का योग: इन रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है भुजंगासन का अभ्यास, जानिए इसका सही तरीका?
कैसे करें भुजंगासन का अभ्यास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी योग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना आवश्यक होता है। भुजंगासन योग को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
तनाव और डिप्रेशन की समस्या में लाभदायक
जिन लोगों कोअक्सर तनाव या चिंता की समस्या रहती है उनके लिए भुजंगासन योग का नियमित अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम समस्याओं को दूर करने में कोबरा पोज योग आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह अवसाद के लक्षणों को कम करने के साथ वात दोष को कम करने में भी मदद करता है। वात दोष के कारण उदासी और चिंता की भावना बढ़ जाती है।
आर्थराटिस के रोगियों के लिए फायदेमंद
रीढ़ और कमर की हड्डी को मजबूती देने और उन्हें लचीला बनाए रखने के लिए कोबरा पोज योग का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। इस योग से शरीर को पूर्ण आराम देने के साथ, ऊतकों और कोशिकाओं को ठीक रखने में भी मदद मिलती है। हड्डियों के घनत्व को ठीक रखने में भी इसे लाभदायक माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोबरा पोज, गले और थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने में सहायक माना जाता है। जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या हो उन्हें भुजंगासन योग का रोजाना अभ्यास करने से लाभ मिलता है। यह योगासन हार्मोन के स्राव को संतुलित करने में सहायक है जिससे थायरॉइड की जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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