मेटाबॉलिज्म से संबंधित विकारों के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, डायबिटीज उनमें से एक है। रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाने के कारण डायबिटीज की समस्या होती है। ब्लड शुगर का स्तर लगातार बढ़े रहना शरीर में कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचे रहने की सलाह दी जाती है। मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाने, तनाव को प्रतिबंधित करने और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के उपाय करके डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।
आज का योग: ब्लड शुगर बढ़ने से रोकने और डायबिटीज की जटिलताओं को दूर करने में बेहद कारगर हैं ये तीन योगासन
प्लो पोज
डायबिटीज रोगियों के लिए प्लो पोज या हलासन योग का अभ्यास काफी लाभदायक हो सकता है। थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने, रक्त परिसंचरण को बढ़ाने और तनाव को कम करने में इस योग के लाभ माने जाते हैं। डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने में इस योग का अभ्यास काफी लाभदायक हो सकता है। प्लो पोज का अभ्यास पीठ दर्द, सिरदर्द और अनिद्रा को दूर करने में भी मदद कर सकता है।
ऊर्ध्व मुख शवासन
मधुमेह रोगियों की जटिलताओं का कम करने के साथ रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए ऊर्ध्व मुख शवासन योग के अभ्यास को काफी लाभदायक माना जाता है। इस उत्तेजक पोज के लिए मांसपेशियों की ताकत की आवश्यकता होती है। इसका अभ्यास निम्न रक्तचाप को बनाए रखने, परिसंचरण को बढ़ावा देने और वजन घटाने को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है। यह पेट के अंगों को भी उत्तेजित करता है।
धनुरासन योग
धनुरासन योग या बो पोज का अभ्यास करना शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक माना जाता है। यह बैकबेंड पोज आपकी छाती को खोलता है और आपके पेट के अंगों को उत्तेजित करता है। रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के साथ ही कब्ज और सांस की बीमारियों से राहत दिलाने में भी इसके अभ्यास के लाभ माने जाते हैं। मेटाबॉलिज्म की समस्याओं को ठीक करने में भी इस योग का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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