Best Yoga Poses For Fibromyalgia: क्या आपके शरीर में दर्द रहता है। नींद पूरी होने के बाद भी जब सुबह सोकर उठते हैं तो थकान महसूस होती है? सिर दर्द, जोड़ों में दर्द की समस्या भी रहती है? अगर इन लक्षणों से पीड़ित हैं तो हो सकता है कि आप फाइब्रोमायल्जिया की समस्या से पीड़ित हों। फ्राइब्रोमायल्यिजा एक तरह का विकार है जिसके कारण मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द रहता है। थकान महसूस होती है और मस्तिष्क व नींद संबंधित परेशानी हो सकती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में फाइब्रोमायल्जिया होने की संभावना अधिक रहती है। तनाव, सिरदर्द, टेम्पोरोमैंडिबुलर ज्वाइंट विकार, आंतों से जुड़े रोग, चिंता व अवसाद आदि लक्षण देखने को मिल सकते हैं। फाइब्रोमायल्जिया के लिए कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। दवाओं के जरिए इसके लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। वहीं व्यायाम और योग से कुछ राहत पाई जा सकती है।
Yoga Tips: नींद पूरी होने के बाद भी महसूस होती है थकान? इन योगासनों के अभ्यास से मिलेगा आराम
फाइब्रोमायल्जिया के लिए योग
उत्तानासन
उत्तानासन के अभ्यास के दौरान सिर हृदय के नीचे आ जाता है, इस कारण मस्तिष्क की ओर रक्त प्रवाह तेज होता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति अच्छे से होती है। वहीं पीठ वाले भाग में खिंचाव आता है। इस आसन को करने से पीठ, हिप्स और टखनों के दर्द को कम किया जा सकता है। शरीर अच्छे से स्ट्रेच होता है और दिमाग शांत व तनाव दूर होता है। अनिद्रा व सिरदर्द की समस्या में भी राहत मिलती है।
सेतु बंधासन
इस आसन के अभ्यास से सीने, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव पैदा होता है। एंग्जाइटी, थकान, कमर दर्द, सिरदर्द और इंसोम्निया में फायदा मिलता है। रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए हिप्स के पास ले जाते हैं और हिप्स को जितना हो सके, फर्श से ऊपर उठाते हैं। हाथ जमीन पर रखते हुए कुछ देर सांस को रोका जाता है। फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को सीधा करके विश्राम स्थिति में आ जाते हैं।
सर्वांगासन
सर्वांगासन के अभ्यास से कंधे, गर्दन, पीठ और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। हृदय की मांसपेशियों की अच्छी स्ट्रेचिंग होती है और दिमाग शांत रहता है। सर्वांगासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैर, कूल्हे और कमर को उठाएं। कन्धों पर सारा भार लेते हुए पीठ को हाथों से सहारा दे। संतुलन बनाते हुए कोहनियों को जमीन पर टिकाएं और हाथों को कमर पर रखते हुए, कमर और पैरों को सीधा रखें। पैरों की उंगलियों को नाक की सीध में ले जाते हुए लंबी गहरी सांस लें और कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रहें।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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