अनियंत्रित जीवनशैली के कारण होने वाली ये स्वास्थ्य समस्या हर वर्ग के लोगों के लिए घातक बन चुकी है। यह एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें धमनियों में रक्त दबाव सामान्य से तेज हो जाता है। सामान्य स्थित में रक्त प्रवाह 120/80 से 140/90 के बीच रहता है। लेकिन जैसे ही ब्लड प्रेशर इससे अधिक होने लगता है उच्च रक्तचाप की समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि दवा के साथ-साथ प्रीहाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप को योग की मदद से कैसे नियंत्रण में रख सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात दिलाएंगे ये 5 योगासन, नियमित करें अभ्यास
शवासन
इस आसन के नाम से ही स्पष्ट है कि मुर्दे के समान आसन। शवासन करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को ज्यादा से ज्यादा अंतर रखते हुए फैलाएं। इस दौरान आपके पैरों के पंजे बाहर की तरफ और एड़ियां अंदर की तरफ होनी चाहिए। अब आप दोनों हाथों को भी शरीर से लगभग एक फिट की दूरी पर रखें। अपनी हाथों की अंगुलियां आकाश की तरफ रखें और गर्दन को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे अपनी आंखों को बंद कर लें और धीरे-धीरे सांस खींचें और छोड़ें। अपनी आंखों को बंद कर सांसों पर ध्यान दें। इस आसन को करते समय शरीर को पूरा ढीला छोड़ देते हैं।
बालासन
बालासन को चाइल्ड पोज भी कहते हैं। इस आसन को करने से तनाव या हाइपरटेंशन की परेशानी से निजात मिलती है। इस आसन को करने से रक्त का संचार पूरे शरीर में सुचारू रूप से होता है। बालासन को करने से सांस की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाता है, जो तनाव और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।
सुखासन
सुखासन के अभ्यास के लिए किसी समतल जगह पर चटाई बिछाकर पालथी मारकर बैठ जाएं। इस आसन को करते समय मन को शांत और तनाव मुक्त रखना चाहिए। अब अपने कमर को बिल्कुल सीधा रखते हुए शरीर को तान कर रखें। इसके बाद अपने दोनों हाथों की अंगुलियां खोलकर घुटनों पर रखें। अब सामान्य रूप से प्राणायाम करते हुए आप जितनी देर तक इस आसन में बैठ सकते हैं उतनी देर बैठें।
भुजंगासन
भुजंगासन पेट के लिए बेहद फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल लेट जाएं और अपनी हथेलियों को अपने कंधे की सीध में लेकर जाएं। इस दौरान अपने दोनों पैरों के बीच की दूरी को कम करें साथ ही पैर को सीधा तथा तना हुआ रखें। अब सांस भरते हुए शरीर के अगले हिस्से को नाभि तक उठाएं। ध्यान रखें कि कमर के ऊपर ज्यादा जोर न पड़े। धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाने का प्रयास करें। योग के अभ्यास के समय धीमे सांस भरे और फिर छोड़ें।