Valentine Day 2024 : फरवरी प्यार का महीना है। इस महीने का इंतजार सालभर आशिकों को रहता है। किसी को पसंद करते हैं और उन्हें दिल की बात कहना चाहते हों या प्यार के इजहार के लिए किसी खास मौके की तलाश में हो या अपने साथी के साथ कुछ प्यार भरे लम्हें बिताने के लिए मौके के इंतजार में हों, फरवरी का महीना बेहद उपयुक्त रहेगा। इस महीने आप दोस्ती के रिश्ते को एक पड़ाव आगे बढ़ा सकते हैं। अपने साथी के साथ रिश्ते को अधिक गहरा बना सकते हैं। कपल्स के जीवन में निरसता आ गई हो तो उसी उत्सुकता को दोबारा ला सकते हैं, क्योंकि फरवरी माह में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। यह दिन प्यार करने वालों के लिए त्योहार की तरह होता है। लेकिन फरवरी में ही वैलेंटाइन डे क्यों मनाते हैं। 14 फरवरी का इतिहास क्या है, और वैलेंटाइन डे मनाने की शुरुआत किसने और कब की थी?, वैलेंटाइन डे से जुड़े सभी सवालों के जवाब अगली स्लाइड्स में मिल जाएंगे।
Valentine Day 2024: फरवरी में ही क्यों मनाते हैं वैलेंटाइन डे, जानिए 14 फरवरी का इतिहास
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वैलेंटाइन डे पहली बार कब मनाया गया?
वैलेंटाइन डे 14 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत रोम में हुई। रोम के राजा क्लॉडियस के समय में एक पादरी थे, जिनका नाम सेंट वैलेंटाइन था। उन्हीं के नाम पर वैलेंटाइन डे मनाने की शुरूआत हुई।
क्यों मनाते हैं वैलेंटाइन डे?
पादरी सेंट वैलेंटाइन दुनिया में प्यार को बढ़ावा देना चाहते थे पर रोम के राजा क्लॉडियस को यह बात पसंद नहीं थी। राजा का मानना था कि प्यार और शादी पुरुषों की शक्ति को खत्म कर देती है। राजा ने आदेश भी दिया था कि, राज्य के अधिकारी और सैनिक शादी नहीं कर सकते।
सेंट वैलेंटाइन को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। सेना के कई अधिकारियों और सैनिकों की शादी भी कराई। राजा सेंट वैलेंटाइन द्वारा उनके आदेश के उल्लंघन से नाराज हो गए और उन्होंने 14 फरवरी 269 को सेंट वैलेंटाइन को फांसी पर चढ़ा दिया। सेंट वैलेंटाइन के निधन को लोगों ने उनके प्यार के लिए बलिदान के रूप में माना और उन्हें सम्मान देने के लिए उनकी याद में प्रतिवर्ष 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने का फैसला किया।
वैलेंटाइन डे की एक और कहानी
वैलेंटाइन डे को प्यार के त्योहार के रूप में मनाने की एक और बड़ी वजह है। सेंट वैलेंटाइन ने केवल जीवित रहते हुए प्यार का प्रचार नहीं किया, बल्कि मरने के बाद भी प्यार के लिए बलिदान दिया। जिस शहर में सेंट वैलेंटाइन रहते थे, वहां के जेलर की एक बेटी थी, जिसका नाम जैकोबस था। जैकोबस नेत्रहीन थी। सेंट वैलेंटाइन ने मौत से पहले जेलर की बेटी जैकोबस को अपने नेत्र दान देने के फैसला लिया। उन्होंने जैकोबस के लिए एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा, तुम्हारा वैलेंटाइन।