कई सारे युवा विशेषकर लड़कियां यात्राओं पर इसलिए नहीं जा पाती हैं क्योंकि घर से उन्हें अनुमति नहीं मिल पाती है। इसका अर्थ यह नहीं कि उनके घर वाले उन्हें समझते नहीं या उन्हें जाने न देने में उन्हें कोई विशेष आनंद प्राप्त होता है। बस बात इतनी सी है कि उनके माता- पिता उनकी सुरक्षा को लेकर थोड़े ज्यादा चिंतित होते हैं। लेकिन चिंता की वजह से हम जीवनभर बैठे रहें, ये तो कोई वाजिब बात नहीं है इसलिए प्रयास हमें करना होंगे। आइए हम आपको बताते हैं कुछ समझदारी भरे तरीके जिनकी सहायता से यदि आप प्रयास करेंगे तो घर वाले आपको ट्रिप पर भेजने के लिए खुशी-खुशी तैयार होंगे। अगली स्लाइड्स से जानिए इन खास तरीकों के बारे में।
यदि घरवाले नहीं जाने देते हैं दोस्तों के साथ ट्रिप पर तो आजमाएं ये तरीके, हो जाएंगे एकबार में राजी
दोस्तों से मिलवाएं
आप अपने दोस्तों के बारे में मम्मी- पापा से बातें साझा करते रहें। उन्हें घर पर बुलाएं, अपने मम्मी- पापा से मिलवाएं। बातों में शैतानियों के किस्से बताने की बजाय ये बताएं कि कब- कब, किस-किस तरह से आपकी सहायता कर चुके हैं। कुलमिलाकर कहा जाए तो अपने मम्मी- पापा को इस बात का विश्वास दिलाना कि आपके दोस्त समझदार हैं, यह आपका ही काम है। ट्रिप पर जाने से एक माह पूर्व ही इस काम में जुट जाएं।
भूमिका बनाएं
ऐसा न हो कि जब प्यास लगी है, तभी कुआं खोदा जाए। कहने का तात्पर्य यह है कि उन्हें अचानक से बताएंगे कि दो दिन बाद ट्रिप पर जाना है तो तय बात है कि वे ‘न’ ही कहेंगे। इसलिए जैसे ही ट्रिप का प्लान तय हो जाता है। घर पर थोड़ी- थोड़ी उस विषय में बात करें। जैसे- शिमला कितनी खूबसूरत जगह है, एकबार तो सभी को वहां जाना ही चाहिए, मेरा भी मन है कि वहां जाऊं।
विश्वास दिलाएं
अपने मम्मी- पापा को विश्वास दिलाएं कि आप इतने भी छोटे नहीं हैं। आप अब समझदार हो चुके हैं। उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से बताएं कि आप किस जगह रूकने जा रहे हैं। बताएं कि आप लेट नाइट पराये शहर में नहीं घूमेंगे। उन्हें कहें कि जब भी आप कैब में बैठेंगे तो अपनी लोकेशन साझा करेंगे। बताएं कि आपके साथ जाने वाले लोगों में कोई परिपक्व शख्स भी है जो पहले उस जगह गया हुआ है अर्थात उस जगह की जानकारी रखता हो।
शिकायत का मौका न दें
यदि आपको ट्रिप पर जाना है तो मम्मी-पापा को एक महीने पहले से शिकायत का मौका न दें। उनके कहे सभी काम समय पर करने लग जाएं, पलटकर जवाब तो बिल्कुल नहींं देना है अन्यथा सब बिगड़ जाएगा। मम्मी-पापा जब देखेंगे कि वाकई आप ट्रिप की अनुमति के लिए स्वयं की आदतों को सुधार रहे हैं तो वे प्रभावित होकर हां कर देंगे और यदि मना करते हैं तो धैर्य रखें और प्यार से ही पूछें शायद हां मिल जाएं। यदि आपने गुस्सा कर दिया तब तो आपका सब किया धरा बेकार हो जाएगा।