सुखद यात्रा पर जाकर मन शांत करना हो या मूड फ्रेश करना हो ये सभी को पसंद होता है। लेकिन ऑफिस जाने वालों के लिए छुट्टियां लेना मुश्किल हो जाता है। हालांकि चिंता करने की जरुरत नहीं है आपकी छुट्टियां सेव हो रही हैं और इन छुट्टियों को एक साथ लेकर आप ऐसी यादगार यात्रा पर निकल सकते हैं जो आपको लंबे समय तक फ्रेश रखेगी। आज हम ऐसी जगह के विषय में बताने जा रहे हैं जो अपनी खूबसूरती के कारण हमेशा चर्चाओं में बनी रहती है।
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लंबी यात्रा की कर रहे हैं तैयारी तो ये जगह देगी जीवन का बेहतरीन अनुभव
Wed, 15 May 2019 01:22 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Wed, 15 May 2019 01:22 PM IST
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लंबी ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो केरला के वायनाड जिले में आपको बेहतरीन अनुभव मिलेगा। दिल्ली से फ्लाइट के जरिए कुछ ही घंटों में आप वायनाड पहुंच सकते हैं। यहां के कुछ चुनिंदा स्थान आपकी छुट्टियों को मजेदार बना देंगे।
चेम्ब्रा पीक
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जगहों पर घूमना पसंद करते हैं और एडवेंचर के शौकीन हैं तो वायनाड में चेंबरा पीक आपके लिए एक परफेक्ट जगह है। कालपेट्टा से आठ किलोमीटर दूर, मेप्पडी शहर के पास, चेंबरा पीक वायनाड की सबसे ऊंची चोटी है।
चेम्ब्रा पीक
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जगहों पर घूमना पसंद करते हैं और एडवेंचर के शौकीन हैं तो वायनाड में चेंबरा पीक आपके लिए एक परफेक्ट जगह है। कालपेट्टा से आठ किलोमीटर दूर, मेप्पडी शहर के पास, चेंबरा पीक वायनाड की सबसे ऊंची चोटी है।
बाणासुर सागर डैम
यह भारत का सबसे बड़ा और एशिया में दूसरा सबसे बड़ा बांध माना जाता है। बांध का आकर्षण बनासुरा पहाड़ियों की तलहटी में बना होना है। इन पहाड़ियों और वादियों के कारण इस बांध की खूबसूरती इसे परफेक्ट टूरिस्ट प्लेस बनाती है। इस बांध का नाम केरल के प्रसिद्ध शासक राजा महाबली के पुत्र बाणासुर के नाम से पड़ा।
यह भारत का सबसे बड़ा और एशिया में दूसरा सबसे बड़ा बांध माना जाता है। बांध का आकर्षण बनासुरा पहाड़ियों की तलहटी में बना होना है। इन पहाड़ियों और वादियों के कारण इस बांध की खूबसूरती इसे परफेक्ट टूरिस्ट प्लेस बनाती है। इस बांध का नाम केरल के प्रसिद्ध शासक राजा महाबली के पुत्र बाणासुर के नाम से पड़ा।
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एडक्कल केव
रिपोर्ट के अनुसार स्टोन एज नक्काशी के साथ एडक्कल भारत का एकमात्र ज्ञात स्थान है। आप यहां नवपाषाण और मेसोलिथिक युग से सम्बन्धित नक्काशी देख सकते हैं। कहा जाता है कि एडक्कल का सिंधु घाटी सभ्यता से संबंध है।
रिपोर्ट के अनुसार स्टोन एज नक्काशी के साथ एडक्कल भारत का एकमात्र ज्ञात स्थान है। आप यहां नवपाषाण और मेसोलिथिक युग से सम्बन्धित नक्काशी देख सकते हैं। कहा जाता है कि एडक्कल का सिंधु घाटी सभ्यता से संबंध है।
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पूकोडे झील
सदाबहार वन और पश्चिमी घाट के बीच स्थित यह झील 13 एकड़ में फैली हुई है और 40 मीटर गहरी है। यह वायनाड में सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। इस झील तक पहुंचने पर आपको शांतिपूर्ण वातावरण का अनुभव होगा।
सदाबहार वन और पश्चिमी घाट के बीच स्थित यह झील 13 एकड़ में फैली हुई है और 40 मीटर गहरी है। यह वायनाड में सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। इस झील तक पहुंचने पर आपको शांतिपूर्ण वातावरण का अनुभव होगा।