Mahakumbh 2025: जैसे-जैसे महाकुंभ मेला अपने समन के दिनों के करीब बढ़ रहा है, प्रयागराज में भीड़ बढ़ती जा रही है। सिर्फ भारत नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु व पर्यटक संगम के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इसका परिणाम ये हुआ कि प्रयागराज की सीमाओं पर लंबा जाम लग गया है। प्रयागराज जाने और वहां से होकर गुजरने वाली ट्रेनें खचाखच भरी हैं। ऐसे में जो लोग घर से सामान पैक करके निकले थे, वह संगम तक पहुंच ही नहीं पा रहे। कई यात्री प्रयागराज पहुंचने से पहले आधे रास्ते से ही वापस लौट रहे हैं। अगर आप भी प्रयागराज में लगे भीषण जाम के कारण महाकुंभ तक नहीं पहुंच पा रहे तो घूमने की इच्छा को मारकर वापसी न करें बल्कि प्रयागराज के आसपास कई ऐसी जगहें हैं जहां घूमने जा सकते हैं। यहां प्रयागराज के करीब बसे पर्यटन स्थलों के बारे में बताया जा रहा है, जहां महाकुंभ आने वाले घूमने जा सकते हैं।
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Mahakumbh 2025: भीषण जाम के कारण नहीं पहुंच पा रहे हैं महाकुंभ तो घूम लें प्रयागराज के आसपास ये जगहें
Mon, 10 Feb 2025 06:03 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Mon, 10 Feb 2025 06:03 PM IST
सार
यहां प्रयागराज के करीब बसे पर्यटन स्थलों के बारे में बताया जा रहा है, जहां महाकुंभ आने वाले घूमने जा सकते हैं।
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महाकुंभ 2025
- फोटो : Self
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Chitrakoot
- फोटो : instagram
चित्रकूट
- प्रयागराज से लगभग 130 किमी दूर चित्रकूट है।
- चित्रकूट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धार्मिक स्थल है।
- इसका नाता भगवान राम से जुड़ा है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के दौरान चित्रकूट में ठहरे थे।
- चित्रकूट में कामदगिरी पर्वत, हनुमान धारा, सती अनुसुइया आश्रम और गुप्त गोदावरी पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण हैं।
विंध्याचल माता मंदिर, मिर्जापुर
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विंध्याचल
- मिर्जापुर जिले में विंध्याचल है जो कि प्रयागराज से करीब 75 किमी दूर है।
- यह स्थान मां विंध्यवासिनी देवी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
- यहां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, अष्टभुजा देवी मंदिर और कालीखोह मंदिर स्थित है।
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buddha temple
- फोटो : instagram
कौशांबी
- प्रयागराज से 55-60 किमी की दूरी पर दो प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं।
- पहला, शीतला माता धाम, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
- दूसरा, बौद्ध स्थल, जो गौतम बुद्ध के प्रवचनों से जुड़ा ऐतिहासिक स्थान है।
- कौशांबी में अशोक स्तंभ, गोपालगढ़ किला और जैन मंदिर घूम सकते हैं।
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श्रृंगवेरपुर धाम
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श्रृंगवेरपुर धाम
- प्रयागाराज से 40 किमी दूर प्रयागराज-बहराइच मार्ग श्रृंगवेरपुर है।
- यह स्थान भगवान राम और निषादराज की मित्रता का प्रतीक माना जाता है।
- श्रृंगवेरपुर में श्रृंगी ऋषि आश्रम, रामचरण मंदिर और गंगा घाट घूमने जा सकते हैं।