Madhya Pradesh Jyotirlinga Tour Plan : महाशिवरात्रि का पर्व 26 जनवरी 2025 को मनाया जा रहा है। इस मौके पर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए जा सकते हैं। भारत में 12 ज्योतिर्लिंग हैं। अगर आप मध्य प्रदेश या आसपास के रहने वाले हैं तो यहां स्थित ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग हैं- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन) और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा)। दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना चाहते हैं, तो सही यात्रा योजना बनाकर 2-3 दिनों में आराम से दर्शन किए जा सकते हैं।
Mahashivratri 2025: दो दिन में करें मध्य प्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, ऐसे बनाएं सफर की योजना
Madhya Pradesh Jyotirlinga Tour Plan: मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग हैं- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन) और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा)। दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना चाहते हैं, तो सही यात्रा योजना बनाकर 2-3 दिनों में आराम से दर्शन किए जा सकते हैं।
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ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए योजना
पहला दिन- महाकालेश्वर दर्शन
- यात्रा की शुरुआत उज्जैन से करें जहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए जा सकते हैं।
- उज्जैन रेलवे स्टेशन से मंदिर के लिए जा सकते हैं।
- हवाई यात्रा कर रहे हैं तो इंदौर निकटतम रेलवे स्टेशन है जो उज्जैन से 55 किमी दूर है।
- सड़क मार्ग से यात्रा के लिए बसें और टैक्सियां इंदौर से आसानी से उपलब्ध हैं।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन
- उज्जैन पहुंचकर सुबह 4 बजे भस्म आरती के लिए जाएं।
- भस्म आरती में शामिल होने के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर लें।
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें और आसपास के काल भैरव मंदिर, हरसिद्धि माता मंदिर और सांदीपनि आश्रम भी घूमें।
- उज्जैन में ठहरे और रात को ओंकारेश्वर के लिए निकलने की तैयारी करें।
दूसरा दिन - ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
- उज्जैन से ओंकारेश्वर 140 किमी दूर है, जिसे आप टैक्सी, बस या निजी वाहन से 3-4 घंटे में पहुंच सकते हैं।
- अगर ट्रेन से जाना चाहें तो खंडवा रेलवे स्टेशन उतरें और वहां से ओंकारेश्वर के लिए टैक्सी या बस लें, जिसकी दूरी 75 किमी है।
ओंकारेश्वर दर्शन योजना
- सुबह ओंकारेश्वर पहुंचकर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के दर्शन करें।
- ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन करें, क्योंकि इसे भी ज्योतिर्लिंग का हिस्सा माना जाता है।
- नर्मदा नदी के किनारे ध्यान और पूजा करें।
- शाम को यात्रा समाप्त करके इंदौर या खंडवा लौट सकते हैं।
कहां ठहरें
- यात्रा बजट में करना चाहते हैं तो धर्मशालाएं और सस्ते होटल आसानी से मिल जाएंगे।
- महाकाल मंदिर के पास कई धर्मशालाएं और होटल उपलब्ध हैं।
- ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित विश्राम गृह भी उपलब्ध हैं।
कहां करें भोजन?
- उज्जैन और ओंकारेश्वर दोनों जगह शुद्ध शाकाहारी भोजन आसानी से मिल जाता है।
- महाकालेश्वर मंदिर परिसर और ओंकारेश्वर मंदिर के पास प्रसाद रूप में भोजन भी मिल सकता है।
ज्योतिर्लिंग दर्शन से जुड़ी जरूरी बातें
- महाकाल की भस्म आरती के लिए पहले से बुकिंग करा लेनी चाहिए।
- धार्मिक यात्रा के लिए सफेद या हल्के रंग के परिधान पहनें, जैसे कुर्ता-पजामा या साड़ी।
- चमड़े की वस्तुएं, जैसे बेल्ट, पर्स आदि साथ न ले जाएं।
- लंबी यात्रा के लिए आरामदायक जूते और जरूरी सामान साथ रखें।
- बिना प्लास्टिक इस्तेमाल के यात्रा करें और मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखें।
- ट्रेन, बस का टिकट पहले से खरीदें और होटल में कमरा भी पहले से बुक करा लें।