फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Jaisalmer Trip: हवेलियों और रेत के टीलों के बीच उठाएं छुट्टियों का लुत्फ, घूमने के लिए इस जगह की ओर करें रुख

Thu, 19 Jan 2023 12:14 PM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शैवाल Updated Thu, 19 Jan 2023 12:14 PM IST
विज्ञापन
Jaisalmer trip:  a beautiful landscape in desert
जैसलमेर, राजस्थान - फोटो : Facebook/World of Rajasthan

राजस्थान के रंग और संस्कृति बहुत ही रंगबिरंगी और खूबसूरत है। यहां देखने और भ्रमण करने लायक कई जगहें हैं लेकिन इनमें सबसे अनूठी और अद्भुत जगह है 'सम' यानी जैसलमेर के करीब का वह इलाका जहाँ दूर दूर तक रेगिस्तान बाहें पसार कर आपके लिए 'पधारो म्हारे देस' गाता है। ऐसी रेत जो जितनी जल्दी आपसे नाता जोड़ती है, उतनी ही आसानी से आपसे अलग भी हो जाती है। जैसे कह रही हो, भौतिकता का मोह छोड़ कर प्रकृति से नाता जोड़ो, उसी में सुख है। यह आश्चर्य है कि यह रेत कपड़ों पर चिपकती नहीं। 



इस रेत का अपना अलग अंदाज है जो आपको राजस्थान के इस रूखे-सूखे इलाके के प्रेम में डाल देता है। यहां आप राजस्थान की रंगीली लोककथाओं से भी रूबरू होते हैं और सीमा पर डटे सिपाहियों की वीरता के किस्सों से भी। जैसलमेर के इस अनूठे रेगिस्तानी इलाके के बारे में जानिए करीब से। 

Jaisalmer trip:  a beautiful landscape in desert
जैसलमेर म्यूजियम - फोटो : Amar Ujala

हवेलियों से गुलजार गलियां 

ऐतिहासिक तौर पर पूरे राजस्थान में कई सारे स्थान हैं जो रोमांच जगाते हैं। इनमें ही शामिल है जैसलमेर। हवेलियों के भरे इस शहर को गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम इस शहर में बने पीले रंग के पत्थरों से बनी हवेलियों व अन्य निर्माणों के लिए दिया गया है। शहर की गलियों से गुजरते हुए कई छोटी-बड़ी हवेलियां आपके स्वागत के लिए मुस्कुराती मिलेंगी। अंदर जाने पर खूबसूरत नक्काशी से सजे झरोखे और ऊँची खुली छत से झांकता आसमान आपका मन मोह लेगा। इन हवेलियों के बाहर और रास्ते में भी आपको राजस्थानी लोक कलाओं से सजी कई छोटी-छोटी दुकानें मिलेंगी जहाँ से आप कठपुतली से लेकर दुपट्टे, स्टोल या कोई आर्ट पीस आदि खरीद सकते हैं। यहां का म्यूजियम कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का साक्षी है। यदि आप इतिहास में रूचि रखते हैं तो यह आपके लिए शानदार ट्रीट होगी।

Jaisalmer trip:  a beautiful landscape in desert
कैमल सफारी का आनंद

रेत के टीलों तक सफर 

जैसलमेर से सम सैंड ड्यून्स यानी रेतीले टीलों तक का सफर करीब 40-45 किलोमीटर का है। आप चाहें तो जैसलमेर में रुक कर सम जाकर वापस अपने ठिकाने पर आ सकते हैं या फिर सम में ही कैम्प नाइट और रुकने की सुविधा का विकल्प चुन सकते हैं। यदि आप जैसलमेर में रुकने का विकल्प चुनते हैं तो भी आपको सम तक पहुंचने के लिए जीप, टैक्सी या टू व्हीलर किराए से लेनी होगी। रेगिस्तान के टूर के लिए भी ऊँट या जीप की सवारी का विकल्प होता है। यदि आप सम में ही कैम्प या टेंट वाली सुविधा के साथ रुके हैं तो यहाँ पर पैकेज के अंतर्गत जीप और ऊँट की सवारी फ्री भी मिल सकती है। इसके अलावा अलग अलग पैकेज के हिसाब से रुकने, ब्रेकफास्ट, लंच व डिनर तथा कल्चरल एक्टिविटीज जैसी सुविधाएँ मिल सकती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Jaisalmer trip:  a beautiful landscape in desert
जैसलमेर का सुनहरा किला

सफर है आसान 

राजस्थान देश के सभी बड़े शहरों और मार्गों से जुड़ा हुआ है। जैसलमेर तक पहुंचने के लिए भी हवाई जहाज, ट्रेन, बस या टैक्सी आदि किसी भी साधन को चुना जा सकता है। यदि आप कोई टूर पैकेज चुनते हैं तो वे आपको यात्रा से लेकर ठहरने व साइट सीइंग, सम की यात्रा तक के लिए ऑफर दे सकते हैं। आमतौर पर इनका किराया ढाई हजार से 5 हजार रूपये तक हो सकता है। यह दी जा रही सुविधाओं और टेंट के प्रकार पर निर्भर करता है। चाहें तो यहां आकर अलग से भी कैमल राइड और अन्य सुविधाएँ ले सकते हैं। चूंकि इस इलाके में पर्यटकों की अक्सर भरमार रहती है इसलिए होटल, लॉज आदि काफी संख्या में हैं, लेकिन प्री बुकिंग जरूरी है ताकि दिक्कत न हो। ठहरने के अलावा खान-पान की भी सुविधाएँ अच्छी हैं क्योंकि राजस्थान वैसे भी अपने तीखे-चटपटे स्वाद के लिए जाना जाता है। 

विज्ञापन
Jaisalmer trip:  a beautiful landscape in desert
कालबेलिया नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन - फोटो : Pixabay

फरवरी का महीना है शानदार 

जाहिर है कि गर्मी के दिनों में तो रेगिस्तान में जाने की बात भी कोई सोच नहीं सकता। यहाँ आने के लिए अक्टूबर से फरवरी तक का समय सबसे अच्छा है लेकिन फरवरी और मार्च में होली तक का समय भी अच्छा है। इस समय यहाँ त्यौहार की रौनक भी देखी और महसूस की जा सकती है। साथ ही आप राजस्थानी संस्कृति को और करीब से जान समझ सकते हैं। मार्च के शुरुआती हफ्ते के बाद गर्मी बढ़ने लगती है, इसलिए इसके बाद यहाँ घूमने में दिक्कत हो सकती है। सम के अलावा जैसलमेर में खूबसूरत किले, हवेलियों, मंदिरों आदि का भ्रमण भी किया जा सकता है। ऊँट पर सवारी करते समय ही टूर गाइड आपको उस सीमा के नजारे दिखाएंगे जो भारत-पाकिस्तान के बीच स्थित है। यहाँ खड़े रहकर ही एक अलग से जोश का एहसास होता है और सीमा की रखवाली कर रहे अपने वीर सैनिकों के लिए मन में सम्मान और बढ़ जाता है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed