ट्रेनों से सफर करना अपने आप में सुखद अनुभव होता है। दोस्तों और अपनों का साथ हो तो लंबी-लंबी यात्राएं करना और ज्यादा मजेदार हो जाता है। ट्रेनों की खिड़कियों से कभी जंगल और पहाड़ों को निहारना, कभी नदियों के ऊपर लंबे-लंबे पुलों से होकर जाना और कभी घुप्प अंधेरे वाली गुफाओं से गुजरना रोमांचक अनुभव है। आप भी याद कीजिए कि अब तक सबसे लंबा रेल सफर आपने कहां से कहां तक किया था! फिलहाल हम आपको बताने जा रहे हैं देश की सबसे लंबी यात्राओं के बारे में:
नदियों के ऊपर, जंगल के बीच और पहाड़ी सुरंगों से गुजरती ये हैं भारत की सबसे लंबी रेल यात्राएं
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यह तो आप जानते ही होंगे कि भारतीय रेल दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी रेलवे नेटवर्क है। कई ट्रेनें हैं जो तीन से चार दिन में अपना सफर पूरा करती है। इस दौरान साथ सफर कर रहे लोगों से दोस्ती और अपनापन भी हो जाता है और कुछ रिश्ते तो ऐसे जुड़ते हैं, जो जीवनभर यादगार रह जाते हैं। तो आइए, आपको बताते हैं देश की सबसे लंबी यात्राओं के बारे में:
डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी- विवेक एक्सप्रेस
भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में शामिल विवेक एक्सप्रेस करीब साढ़े तीन दिन में करीब 4,273 किलोमीटर का सफर तय करती है और कुल 56 स्टेशनों पर रुकती है। इस सफर की कुल अवधि 82 घंटे 45 मिनट है। यह ट्रेन उत्तरी असम से शुरू होकर भारत के दक्षिणी शहर कन्याकुमारी तक जाती है।
तिरुवनंतपुरम-सिलचर सुपरफास्ट एक्पप्रेस
तिरुवनंतपुरम-सिलचर एक्सप्रेस ट्रेन 76 घंटे 35 मिनट में करीब 3,931 किलोमीटर का सफर तय करती है। यह केरल के तिरुवनंतपुरम से चलकर असम से सिलचर तक आती है। अपने सफर में यह ट्रेन 54 स्टेशनों पर रुकती है।
श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा से कन्याकुमारी-हिमसागर एक्सप्रेस
यह ट्रेन देश के 12 राज्यों में से गुजरती है और अपनी यात्रा में 71 स्टेशन पर रुकती है। ट्रेन 73 घंटे 5 मिनट में 3787 किमी दूरी तय करती है। दक्षिण भारत से वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ट्रेन काफी सुविधाजनक है और लोगों के बीच यह ट्रेन काफी लोकप्रिय है।