Hidden Gems Of India: यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना नहीं होती, बल्कि रोज़मर्रा की दुनिया से कुछ पल के लिए बाहर निकल जाना होती है। भारत में कुछ ऐसे स्थल हैं, जिन्हें देखकर दिमाग पहली नजर में इनकार कर देता है कि ये असली नहीं हो सकता। हम खुद से सवाल करते हैं कि क्या धरती पर ऐसी भी कोई जगह हो सकती है। लेकिन भारत में ऐसी जगह हैं, जहां पानी इतना साफ है कि नाव हवा में तैरती दिखती हैं, कहीं जमीन चांद जैसी, तो कहीं जंगल खुद पानी पर तैरते दिखाई देंते हैं।
ऐसी जगह सिर्फ तस्वीरों में नहीं, आंखों से देखी जाएं तो ही यकीन होता है। अगर आप भी घूमने का शौक रखते हैं तो साधारण हिल स्टेशन या बीच से कुछ अलग की दुनिया देखना चाहते हैं तो ऐसे भारतीय पर्यटन स्थलों की सैर पर निकलें जो किसी और ग्रह सा नजर आए।
भारत की कुछ अद्भुत और अनदेखी दुनिया आपको हैरान कर देंगी। क्योंकि ये सिर्फ़ सुंदर नहीं, अविश्वसनीय हैं। ये जगहें याद दिलाती हैं कि दुनिया सिर्फ वही नहीं जो रोज दिखती है, उसके बाहर भी एक अलग ही संसार मौजूद है।
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अग्रांग केल, कश्मीर
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अग्रांग केल, कश्मीर
कश्मीर का छोटा-सा गांव अग्रांग केल किसी कलाकार की पेटिंग जैसा लगता है। क्रिस्टल क्लियर नीला पानी, चारों ओर खामोशी और बर्फ़ से ढकी पहाड़ियां, इस जगह को अद्भुत बना देती हैं। कश्मीर के अग्रांग केल को भारत का ब्लू लैगून कहा जाता है। यह जगह इतनी शांत है कि असली दुनिया कुछ देर के लिए गायब हो जाती है। यहां तक पहुंचने के लिए एक आर्मी निगरानी वाली केबल कार का उपयोग किया जा सकता है या तीन-चार घंटे की चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग कर सकते हैं।
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खज्जियार
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खज्जियार, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के खज्जियार को मिनी स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है। यहां की हरी-भरी घास, देवदार के जंगल और दूर बर्फ़ से ढकी चोटियां पर्यटकों को विदेशी नजारों का आनंद देती हैं। यहां के दृश्य यूरोपियन वैली जैसे लगते हैं। यहां खजजी नागा मंदिर स्थित है, जो सर्प देव को समर्पित है। खज्जियार पठानकोट रेलवे स्टेशन से लगभग 95 किमी और कांगड़ा में गगल हवाई अड्डे से 130 किलोमीटर दूर है।
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जैसलमेर का सैंड ड्यून्स
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जैसलमेर का सैंड ड्यून्स
सुनहरे रेगिस्तान यानी गोल्डन डेजर्ट के नाम से मशहूर जैसलमेर का सैंड ड्यून्स किसी अलग ग्रह का लगता है। यहां आकर महसूस होता है कि राजस्थान का रेगिस्तान सिर्फ़ रेत नहीं, राजसी अनुभव है। सैंड ड्यून्सस में सूरज ढलते ही सुनहरी रेत रंग बदलती है और हर दिशा में फैली चुप्पी किसी दूसरी दुनिया में ले जाती है। जैसलमेर से सैम के टीलों की दूरी 45 किलोमीटर है। जैसलमेर से सैम के टीलों तक टैक्सी बुक कर सकते हैं।
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सेंट मैरी आइलैंड, कर्नाटक
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सेंट मैरी आइलैंड, कर्नाटक
कर्नाटक का सेंट मैरी आइलैंड को सीक्रेट बीच कहा जाता है। इसका कारण है कि यहां कि वोल्केनिक रॉक फॉर्मेशन धरती पर दुर्लभ हैं। नीला समुद्र और हेक्सागोनल चट्टानें इसे किसी फैंटेसी फिल्म का सेट बना देती हैं। सेंट मैरी आइलैंड उडुपी तट के पास स्थित चार छोटे द्वीपों का एक समूह है। यह स्थान सफेद रेत और साफ नीले पानी के लिए प्रसिद्ध है। मालपे बीच से नाव द्वारा लगभग 30 मिनट का सफर तय करके यहां पहुंचा जा सकता है।