बुंदेलखंड में ओरछा के एतिहासिक मंदिरों में आपको वास्तुकला का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलता है। यहां के मंदिर लगभग 500 साल पुराने हैं। यहां पर आपको प्राचीन और विशाल स्मारक देखने को मिलेंगे। इन स्मारकों की खिड़कियों से देखने पर बहुत अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं। ओरछा में बड़ी संख्या में मंदिर होने के कारण इसे मंदिरों का शहर भी कहते हैं। यहां पर ओरछा का किला बहुत प्रसिद्ध स्थान है। इस किले को 16वीं शताब्दी में राजा रुद्र प्रताप ने बनवाया था। यहां के स्मारक किले और मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। तो चलिए इस जगह के बारे में जानते हैं...
वास्तुकला के बेहतरीन नमूने देखना चाहते हैं तो करें ओरछा के एतिहासिक मंदिरों के दर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यहां पर जहांगीर महल बना हुआ है, जिसे जहांगीर पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इसे मुगल बादशाह अकबर द्वारा अपने बेटे जहांगीर के लिए बनवाया गया था। यह महल लाल पत्थर और संगमरमर से बना है। यहां पर आपको प्राचीन और बेहतरीन मुगल वास्तुकला देखने को मिलेगी।
यहां पर राम राजा मंदिर बना हुआ है यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान राम को शासक के रुप में पूजा जाता है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि जो भी यहां रहता है, वह हमेशा सुखी और समृद्ध रहता है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर
इस मंदिर का निर्माण राजा वीर देव सिंह द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर में मां लक्ष्मी की मूर्ति है। यह यहां के पवित्र मंदिरों में से एक है। यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र है। यहां पर आपको वास्तुकला का अच्छा नमूना देखने को मिलेगा। इसकी दीवारों पर बने हुए चित्र भगवान कृष्ण के जीवन को दर्शाते हैं।
चतुर्भुज मंदिर
इस मंदिर को 1558 से 1573 के मध्य राजा मधुकर द्वारा बनवाया गया था। यहां पर चतुर्भुज रुप में भगवान विष्णु की मूर्ति है, लेकिन इतिहास और कथाओं के अनुसार इस मंदिर में पहले श्रीराम की मूर्ति थी लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण इसे बदल दिया गया था।