शिक्षक ही व्यक्ति को सही से जीवन जीने और संघर्षों से लड़कर जीतना सीखाता है। शिक्षक का स्थान किसी भी व्यक्ति के जीवन में सर्वोपरि होता है। इसलिए कहा गया है कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं। गुरु का होना बहुत आवश्यक होता है क्योंकि ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन अंधकार में रहता है। गुरु हमारे अंदर ज्ञानरुपी दीपक को प्रज्वलित करके प्रकाश की ओर ले जाता है। 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाते हैं। यह दिन गुरुजनों के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन थे सर्वपल्ली राधाकृष्णन, क्यों मनाया जाता है उनकी याद में शिक्षक दिवस...
Teacher day 2020: कौन थे सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जिनकी याद में भारत में मनाया जाता है शिक्षक दिवस
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सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरूतनी ग्राम में हुआ था। ये एक ब्राह्मण परिवार जन्मे थे। इनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरासमियाह था। राधाकृष्णन पांच भाई और एक बहन थी। अपने भाई बहन में दूसरे ये नंबर पर थे। इनके पिता राजस्व विभाग में थे। लेकिन बड़े परिवार की जिम्मेदारी होने के कारण पूरे परिवार का भरण-पोषण बहुत मुश्किल से होता था। जिसकी वजह से इनका बचपन ज्यादा सुख-सुविधाओ में नहीं बीता। इनका जन्म 5 सितंबर 1888 में हुआ था इन्हीं के जन्म दिवस के रुप में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं, कि इनकी याद में क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस