भारतीय समाज में कुछ इस तरह के पति आपको आसानी से मिल जाएंगे। जानिए किस तरह के पतियों के साथ निभाना मुश्किल और किसके साथ आसान?
कुछ पति ऐसे होते हैं जो अपनी बीवी को एक ट्राफी की तरह लेते हैं। ऐसे पति अपनी पत्नियों की खूबसूरती की दूसरों के सामने शेखी बघारते हैं। उनकी तरक्की और सफलता को लेकर भी लोगों में गाते फिरते हैं लेकिन वास्तव में उनके स्वभाव के क्या अच्छे गुण हैं इस बारे में बात भी नहीं करते। इस तरह की स्थिति में पत्नियां कई बार भावात्मक स्तर पर खुद को दूर पाती हैं और खुद को कमजोर महसूस करती हैं।
कुछ पति अपनी पत्नियों को घर का काम करने वाली और घर के फैसलों में उनकी भागीदारी के नाम पर दूर भागते हैं। ऐसे पतियों का मानना है कि पत्नियां सिर्फ घर सांभले के लिए होती हैं। घर के पैसों के जुड़े किसी भी फैसले में उनको शामिल नहीं करते। उनकी कोई आवाज नहीं होती। बच्चों और घर को संभालना ही उनका एक मात्र धर्म है।
कुछ इस तरह के पति भी मिलते हैं जो भीड़ में भी अपनी पत्नी का हाथ पड़ने और प्यार जताने से पीछे नहीं रहते। कुछ जगहों पर तो ये देखकर अच्छा लगता है लेकिन हमेशा हर जगह इस तरह के व्यवहार से कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
भावात्मक तौर पर जुदा रहने वाले पति भी होते हैं। ये हर स्थिति में अपनी पत्नी को प्यार जताने में गुरेजते हैं। ना ही बहुत ज्यादा भावात्मक स्तर पर होने वाले लगाव को खुलकर जताते हैं। हमेशा ही पत्नी पर पूरी जिम्मेदारी डालकर खुद परिवार और रिश्तेदारों से अगल-थलग रहते हैं।