कई बार दो दोस्तों के बीच हुई गलतफहमी के कारण उनकी दोस्ती टूट जाती है। यदि दोस्तों के बीच कोई विवाद हो जाता है या छोटी- मोटी कहासुनी हो जाती है तो उसे अपने हिसाब से सुलझा लेना चाहिए क्योंकि छोटी-छोटी गलतफहमियां पुरानी दोस्तियों में बड़ी-बड़ी लड़ाइयां करवा देती हैं। इसलिए यदि आपके और आपके दोस्त के बीच ऐसा कुछ हो गया है तो गुस्से में आने की बजाय धीरज से काम लें और ध्यान रखें कि आप दोनों का यह रिश्ता कितना महत्वपूर्ण है। उसी अनुसार इस समस्या का समाधान करें। अगली स्लाइड्स में बताई गई बातों को ध्यान में रखकर आप आसानी से गलतफहमी का समाधान कर सकते हैं।
दोस्तों के साथ हुई गलतफहमी को ऐसे सुलझाएं, नहीं रहेगी नाराजगी
बोलने का मौका दें
यदि आपका दोस्त नाराज है तो उसे बोलने का मौका दें। उससे जानने का प्रयास करें कि क्या है जो उसे परेशान कर रहा है और जब वह अपनी बात बता रहा हो तो बीच में बात को काटने का प्रयास न करें। भले ही आपको उसकी बात बुरी लग रही है तब भी उसे पहले पूरी होने दें, फिर ही अपनी बात रखें। यदि आप बीच में ही बोल पड़ेंगे तो गलतफहमी और भी बढ़ जाएगी।
आमने-सामने बात करें
कभी भी गलतफहमी सुलझाने के लिए मोबाइल का सहारा न लें और विशेषकर संदेश का तो बिल्कुल भी नहीं। जब आप मैसेज करके विवाद को सुलझाएंगे या अपनी बात रखेंगे तो सामने वाला आपकी भावनाओं को नहीं समझ पाएगा। ऐसे में चीजें और भी बिगड़ना ही है क्योंकि यदि आपको कोई प्रतिसाद नहीं मिला तो संभव है कि आपको भी गुस्सा आ जाए।
बेवजह स्पष्टीकरण न दें
यदि आप आगे रहकर अपने दोस्त को स्पष्टीकरण देते हैं तो उसे लग सकता है कि आप गलती में हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं या हो सकता है कि आपके बार-बार कहने से वो चिढ़ भी सकता है इसलिए बेवजह स्पष्टीकरण न दें और यदि आप अपनी बात रखना ही चाह रहे हैं तो फिर सही समय का इंतजार करें। बिल्कुल भी जल्दबाजी न दिखाएं।
आखिर वो आपका दोस्त है, ज्यादा समय तक वो आपसे नाराज नहीं रह सकता है इसलिए आप दोनों के बीच जो भी बात हुई है, उस विषय में उसे सोचने का पूरा समय दें। यदि आपकी दोस्ती पक्की है तो आपका दोस्त आप पर विश्वास रखेगा और छोटी-मोटी किसी भी बात को टाल देगा इसलिए उसे समय देने में बिल्कुल भी संकोच न करें। बहुत जल्द आपका दोस्त आपसे खुद से बात करने लगेगा।