अनुवन्दना माहेश्वरी
Relationship Tips: साथी से नहीं होगा कभी मतभेद, अगर रिश्ते में अपनाएंगे ये बातें
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परंपराओं को समझें
शादियों में अक्सर लोग कहते हैं कि ऐसा हमारे यहां नहीं होता। लेकिन जब दो परिवार मिलते हैं तो एक-दूसरे के रीति-रिवाजों से भी जुड़ते हैं। ऐसे में परस्पर रिवाजों को समझने का प्रयास करें। एक-दूसरे से इसके बारे में बात करें। इससे आपको भविष्य में आने वाली समस्याओं का पहले ही अंदाजा लग जाएगा और आप उनसे निपट सकेंगी। जहां नई परंपरा को अपनाने की बात हो तो समझने पर उसे स्वीकार करने में भी दिक्कत नहीं होगी।
कुछ अपनी कहें, कुछ उनकी सुनें
नवदंपतियों की एक ही प्राथमिकता होनी चाहिए- साथ-साथ जीवन जीना। इसके लिए कुछ कहें तो कुछ दूसरे की सुनें। शादी चाहे दो अलग जातियों में हो या एक ही जाति में, देशकाल और परिस्थिति के साथ सबका लाइफस्टाइल अलग होता ही है। संस्कार और रिवाज भी कहीं जाति तो कहीं क्षेत्र के अनुसार बदल जाते हैं। ऐसे में जीवन की प्राथमिकता तय करने से विरोध या मनमुटाव की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
सीखने-समझने का अवसर
शादी से पहले सबका अपना लाइफस्टाइल होता है। शादी के बाद नया परिवार बनता है, नई जिम्मेदारियां आती हैं। इसलिए साथी से एकाएक परिवर्तन की अपेक्षा न करें। धैर्य के साथ उसे समझें और नए परिवार, लोगों के व्यवाहार, रीतियों और परंपराओं को सीखने-समझने का अवसर दें। उसे अहसास कराएं कि आपको उसकी परवाह है। इससे प्रेम बढ़ेगा और आपकी कमियां भी आपके साथी को अच्छी लगने लगेंगी।
संवाद से ही हल
यदि पार्टनर किसी दूसरी संस्कृति या संस्कारों से है तो सामंजस्य बिठाने के लिए शुरुआत से ही कुछ समझौते करने होंगे। अपने साथी से उन विषयों में शालीनता के साथ खुलकर बात करें, जो आपको लगते हों कि दोनों के बीच मनमुटाव पैदा कर सकते हैं। संवाद से सभी समस्याओं का हल निकल सकता है। संवाद से ही आप और आपका पार्टनर एक-दूसरे को ज्यादा बेहतर तरीके से जान सकेंगे।