Raksha Bandhan 2023 : भाई-बहन के रिश्ते का सबसे बड़ा पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 30 और 31 अगस्त 2023 को मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन के नाम से ही स्पष्ट है, ऐसा बंधन या रिश्ता तो रक्षा सूत्र में बंधा हो। रक्षाबंधन के मौके पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। राखी के बदले भाई बहन की रक्षा का वचन लेता है। बहन की हर परेशानी में सहायता करने, उसके सुख दुख में साथ देने का काम एक भाई ही करता है।
Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन के मौके पर हर भाई को बहन के लिए करने चाहिए ये पांच काम
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बहन को सिखाएं आत्मरक्षा के गुण
हर लड़की को आत्मरक्षा के गुण आने चाहिए। हर समय भाई बहन के साथ नहीं रह सकता है। स्कूल-कॉलेज से दफ्तर जाने और शादी के बाद ससुराल जाने पर बहन अपने भाई से दूर हो जाती है। ऐसे मौके पर बहन को अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी। इसलिए भाई बहन को आत्मरक्षा के बारे में सिखाएं। बहनों का दाखिला कराटे, बॉक्सिंग क्लास में कराएं, ताकि वह किसी अजनबी खतरे से बच सकें।
बहन का बढ़ाएं आत्मविश्वास
अक्सर लड़कियां बाहर जानें, दूसरों के सामने खुल कर अपने विचार रखने या कई छोटी-बड़ी चीजों से डर जाती हैं। इसका कारण होता है कि उन्हें आत्मविश्वास की कमी होती है। लड़कियां शारीरिक तौर पर कमजोर हो सकती हैं लेकिन हर भाई को अपनी बहन को शारीरिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ ही मानसिक तौर पर भी बलवान बनाने की जरूरत होती है। बहन का आत्मविश्वास बढ़ाएं। उन्हें बताएं कि आप हमेशा उनके साथ हैं। बहन को अकेले बाहर जानें दें, उन्हें अपने काम खुद करने दें, बाहरी लोगों से मिलने-जुलने दें ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े।
फैसले में दें बहन का साथ
अधिकतर लड़कियों के जीवन के फैसले पहले पिता या भाई और शादी के बाद पति लेते हैं। लड़की को क्या पहनना है, कहां और क्या पढ़ना है, नौकरी और फिर शादी तक के हर बड़े फैसले में उनसे अधिक माता पिता का हस्तक्षेप होता है। रक्षा का वचन देने वाले भाइयों को बहन के अधिकारों की रक्षा भी करनी चाहिए। बहन के जीवन के फैसले उसे खुद लेने दें। उन्हें फैसले लेना सिखाएं और उनके फैसलों में साथ दें ताकि जब आप उनके पास न हों तब भी वह निडरता से अपने जीवन को किस राह ले जाना है, यह खुद तय कर सकें।
बहन को रोकें-टोके नहीं
हर भाई को अपनी बहन की चिंता होती है। समाज से बहन को बचाने के लिए अक्सर भाई उन पर रोक टोक लगाते हैं। इससे आप बहन की रक्षा नहीं करते, बल्कि उसे कैद करते हैं। बहन अकेले बाहर नहीं जा सकती, देर से घर नहीं आ सकती, अपने मनमुताबिक दोस्त नहीं बना सकती, दुपट्टा के बिना या अपने पसंदीदा कपड़े नहीं पहन सकती, क्योंकि उन्हें इससे खतरा हो सकता है। इस तरह की सोच से निकलें। बहनों की रक्षा के लिए उन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाना गलत है।