अनीता शर्मा
Parenting Tips: बच्चा करता है बड़ों की नकल तो अभिभावक हो जाएं सतर्क, ऐसे सुधारें आदत
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गलतियों की अनदेखी
बच्चे क्या कर रहे हैं, क्या सीख रहे हैं, इस पर नजर रखना जरूरी है। देखें कि आपका बच्चा कहीं आस-पास के लोगों की नकल तो नहीं कर रहा? मसलन, वह कोई गलत बात तो नहीं बोल रहा या किसी की कोई गलत आदत को तो नहीं दोहरा रहा है।
वजह जानें
समाधान के साथ समस्या पर गौर करना भी जरूरी है। देखें कि क्या वजह है कि आपका बच्चा दूसरों की नकल कर रहा है। यदि कोई ऐसा व्यक्ति आस-पास है, जिसकी गलत आदतें बच्चा सीख रहा है तो उस व्यक्ति को भी समझाएं और ऐसा करने से रोकें।
प्यार से समझाएं
यदि आपका बच्चा किसी की नकल कर रहा है तो उसकी यह आदत छुड़ाने का भी एक तरीका है। यह नहीं कि आप बात-बात पर उसे डांटने लगें। इससे तो वह आक्रामक होने लगेगा। बेहतर होगा कि आप उसे प्यार से समझाएं।
अपना आचरण
यदि आप अच्छा आचरण रखेंगी तो उससे आपका बच्चा भी सीखेगा और उस पर ही अमल करेगा।
न समझे तो सख्ती
अगर आपको लगे कि बच्चा प्यार से नहीं मान रहा और नकल करने की आदत को दोहरा रहा है तो उस पर सख्ती करें, लेकिन सख्ती का मतलब उसे पीटना नहीं है, बल्कि उसे ऐसा दंड दें, जिससे वह अपनी गलती समझे।
सवाल करें
बच्चा कोई गलत बात बोले तो अनदेखा करने के बजाय तुरंत सवाल करें। पूछे कि कहां से सीखा? आपके ये सवाल बच्चे के जेहन में भी सवाल खड़ा करेंगे कि उसने कोई गलती की है।
अहसास कराएं
बच्चों को अच्छी और बुरी आदतों के बारे में बताएं। समझाएं कि क्या अच्छा है और क्या गलत और गलत बातें क्यों गलत हैं, यह भी बताएं। उनके प्रभाव भी बताएं, तभी बच्चा गलत बातों को ग्रहण नहीं करेगा।
आपको ही तो तराशना है
मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना कहती हैं, बच्चे कच्चे घड़े की तरह होते हैं और वे अच्छा या बुरा आस-पास के लोगों से ही सीखते हैं। उनके आस-पास सही लोग भी होते हैं और गलत लोग भी। बच्चों को जो बात क्लिक कर जाती है, उसको वे दोहराते हुए नकल करते हैं, इसलिए पहली जिम्मेदारी माता-पिता की है कि वे बच्चों को सही माहौल दें और खुद भी अच्छा आचरण एवं व्यवहार करें। बच्चों के साथ बहुत सख्ती से पेश आने के बजाय उन्हें सूझ-बूझ से समझाना ज्यादा उचित है।