Dussehra 2023: शारदीय नवरात्रि के समापन के अगले दिन दशहरा का पावन पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष दशहरा 24 अक्तूबर 2023 को मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में दशहरा का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के अवतार श्री रामचंद्र ने लंका नरेश रावण का वध करके असत्य और अधर्म पर विजय प्राप्त की, इसलिए इस पर्व को विजयदशमी भी कहते हैं।
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श्री राम के गुण
दयालु राम
भगवान श्री रामचंद्र बहुत दयालु थे। उनकी सेना में मानव के अलावा पशु और दानव सभी थे। उन्होंने सुग्रीव को राजा बनाया। हनुमान, जामवंत और नल-नील को अपनी सेना का नेतृत्व करने का अधिकार दिया। बिना जाति, वर्ग का भेद किया दोस्ती का रिश्ता निभाया। शबरी के जूठे बेर मुस्कुराते हुए खाए। यह श्रीराम के दयालु आचरण का ही उदाहरण है।
सहनशील और धैर्यवान
भगवान श्रीराम का एक विशेष गुण उनकी सहनशीलता और धैर्य है। चाहे माता कैकेयी के कहने पर 14 वर्ष का वनवास हो, या माता सीता को त्यागने के बाद राजा होते हुए भी संन्यासी की तरह जीवन बिताना हो, श्रीराम ने सदैव सहनशीलता और धैर्य के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
बेहतर प्रबंधन
श्री राम एक आदर्श राजा होने के साथ ही कुशल प्रबंधक भी थे। उन्होंने लंका जाने के लिए अपनी सेना के साथ मिलकर पत्थर का सेतु बनाया था। उसके लिए बेहतर प्रबंधन किया। उनकी सेना में पशु और मनुष्य दोनों शामिल थे। उनके बीच का प्रबंधन, अपने राज को रामराज्य बनाने के लिए किया गया बेहतर प्रबंधन उन की कुशलता को दर्शाता है।
आदर्श बेटा और भाई
श्रीराम माता कौसल्या के पुत्र थे, लेकिन कैकयी के प्रिय थे। सबसे अधिक वह माता कैकयी के करीब रहते थे। जब माता कैकयी ने उन्हें अयोध्या के राजा का पद त्यागने को कहा तो वह आरामदायक जीवन छोड़कर 14 वर्ष के वनवास के लिए चले गए।ऐसा करके उन्हें एक आदर्श बेटे का धर्म निभाया और अपने सौतेले भाई भरत के लिए राजपाठ का परित्याग कर भाई प्रेम दिखाया। वह अपने तीनों भाइयों को सगे भाई से बढ़कर प्यार करते थे।