Parenting Tips: बेटियों को सिखाएं ये पांच बातें, घर से बाहर भेजते समय नहीं होगी चिंता
अपनी देखभाल खुद करें
माता पिता हमेशा बच्चों के साथ नहीं रह सकते हैं। ऐसे में बेटी को पहला ज्ञान दें कि वह खुद की देखभाल करना सीखे। उन्हें बताएं कि कैसे खुद का ख्याल रखना है, समाज में रहने का तरीका क्या है? खुद के लिए कैसे जीना है। ताकि वह भविष्य के लिए तैयार रहे।
फैसले खुद लेना सिखाएं
बेटी पढ़ाई या नौकरी के लिए शहर से बाहर जा रही है या घर से दूर है, तो उसे खुद तय करना होगा कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इसके लिए फैसले लेने के लिए बेटी को सक्षम होना चाहिए। बचपन से ही बेटी की राय लें और उन्हें अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता दें। उन्हें सिखाएं कि खुद के लिए फैसला लेना चाहिए, ताकि भविष्य में वह किसी पर निर्भर न हों।
हक के लिए लड़ना सिखाएं
समाज में लड़कियों के साथ भेदभाव होता था, लेकिन कोशिश करें कि आपकी बेटी उस भेदभाव का सामना न करे। इसके लिए उसे सिखाएं कि उनके हक क्या हैं। बचपन से बेटी को ये सीख दें कि अपने हक के लिए उन्हें आवाज उठानी होगी।
सोच समझ कर कदम बढ़ाना सिखाएं
बेटी को फैसले लेना सिखाने के साथ ये भी सीख दें कि क्या सही है और क्या गलत है। उन्हें बताएं कि अगर वह कोई फैसला ले रहे हैं तो कैसे तय करें कि आप सही राह पर हैं। सोच-समझ कर ही कदम बढ़ाना चाहिए। जो कुछ करना चाहते हैं, उसके बारे में पहले विचार कर लें।