अभी तक आपने सुना होगा कि कुत्ता, इंसान का सबसे अच्छा दोस्त होता है। ऐसा दोस्त जो मुसीबत के वक्त रखवाली करता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों का कहना है कि आपका यह दोस्त आपके सेहत का भी ख्याल रखता है। अगर आपके घर में डॉगी है तो यह आपके हृदय के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि कुत्ते के होने की वजह से आपको बाहर घूमने, टहलने, दौड़ने और खेलने का मौका मिलता है। आप जितना शारीरिक तौर पर सक्रिय रहते हैं, यह आपके हृदय के लिए उतना ही लाभकारी होता है।
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घर में है डॉगी तो नहीं होगा हार्ट अटैक, वैज्ञानिकों का है दावा
Mon, 26 Aug 2019 01:12 PM IST
ललित फुलारा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Mon, 26 Aug 2019 01:12 PM IST
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कुत्ता
- फोटो : Pixabay
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कुत्ता
- फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों ने ऐसे लोगों पर अध्ययन किया जो कुत्ता पालते हैं और देखा कि जिन लोगों के घरों में डॉगी होता है वे शारीरिक तौर पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। ऐसे लोगों की डाइट भी बाकी के लोगों से ज्यादा अच्छी होती है और इनमें डायबिटीज की बीमारी भी कम देखी गई है। चेक में रहने वाले शोधकर्ताओं ने अपने शोध में यह बात कही है। आपने अक्सर, अपने घरों एवं अपार्टमेंट्स में लोगों को सुबह कुत्ते को घूमाते हुए देखा होगा।
कुत्ता
- फोटो : Pixabay
दरअसल, जब आप कुत्ता पालते हैं तो उसके साथ ही खुद भी शारीरिक तौर पर फुर्तीले रहते हैं। आप सुबह-शाम कुत्ते के साथ टहलने जाते हैं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यह बात तो आपको पता ही होगी कि आपकी डाइट जितनी अच्छी होगी और आप शारीरिक तौर पर जितने एक्टिव होंगे आपको कार्डियोवेस्कुलर बीमारियां उतनी ही कम होंगी। और अगर आप चुस्त रहेंगे तो आपको डाइबिटीज भी नहीं होगा। डाइबिटीज ही हार्ट अटैक का एक प्रमुख कारण भी है। ऐसे में अगर आपने अभी तक डॉगी नहीं पाला तो आप डॉगी पालना शुरू कर दें।
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salman khan dog
- फोटो : social media
कहां हुआ शोध और क्या निकलकर आया सामने?
यह शोध सेंट ऐनी विश्वविद्यालय के ब्रेनो अस्पताल में हुआ और इसमें दो हजार से ज्यादा लोगों का अध्ययन किया गया। शोध में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की उम्र 24 साल से 65 साल के बीच थी। इन लोगों की हार्ट अटैक की कोई हिस्ट्री नहीं थी। इन लोगों से शोधकर्ताओं ने कई सवाल पूछे और पता चला कि सभी के घर में डॉगी था और इसकी वजह से वे शारीरिक तौर पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। डॉक्टर एंड्रू मोग्रेरी का कहना है कि जो लोग पालतू जानवर पालते हैं वे अपने उम्र, प्रजनन और शिक्षा के स्तर पर स्वतंत्र होते हैं। कुत्ता पालने वाले लोग शारीरिक तौर पर ज्यादा एक्टिव होते हैं। ऐसे लोगों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और इन्हें डाइबिटीज की बीमारी नहीं होती है।
यह शोध सेंट ऐनी विश्वविद्यालय के ब्रेनो अस्पताल में हुआ और इसमें दो हजार से ज्यादा लोगों का अध्ययन किया गया। शोध में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की उम्र 24 साल से 65 साल के बीच थी। इन लोगों की हार्ट अटैक की कोई हिस्ट्री नहीं थी। इन लोगों से शोधकर्ताओं ने कई सवाल पूछे और पता चला कि सभी के घर में डॉगी था और इसकी वजह से वे शारीरिक तौर पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। डॉक्टर एंड्रू मोग्रेरी का कहना है कि जो लोग पालतू जानवर पालते हैं वे अपने उम्र, प्रजनन और शिक्षा के स्तर पर स्वतंत्र होते हैं। कुत्ता पालने वाले लोग शारीरिक तौर पर ज्यादा एक्टिव होते हैं। ऐसे लोगों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और इन्हें डाइबिटीज की बीमारी नहीं होती है।