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National Girl Child Day 2020: जानिए 12 साल से क्यों मनाया जा रहा है राष्ट्रीय बालिका दिवस?
लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 24 Jan 2020 10:49 AM IST
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अमर उजाला के अभियान में शामिल छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) मनाया जाता है। लड़कियों के प्रति होने वाले भेदभाव को दूर करने और परिवार एवं समाज में जागरुकता फैलाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। भारत में परिवार से लेकर समाज हर जगह लड़कियों के प्रति लैंगिक भेदभाव और पक्षपात बरता जाता है जिसे दूर करने एवं लड़कियों को समान अवसर तथा ज्यादा से ज्यादा सुविधा और सहयोग देने के लिए पिछले बारह सालों से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं क्यों मनाया जाता है यह दिवस और क्या है इसका इतिहास..
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राष्ट्रीय बालिका दिवस
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय बालिका दिवस साल 2008 से मनाया जाता है। कांग्रेस के शासन काल के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और भारत सरकार ने इस दिवस की शुरुआत की थी। तभी से हर साल 24 जनवरी को देशभर में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर अलग-अलग कार्यक्रम किए जाते हैं जिनमें बालिका बचाओं और बालिकायों के प्रति भेदभाव दूर करो, के संदेश दिए जाते हैं।
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राष्ट्रीस बालिका दिवस पर मोहद्दीपुर के बिजनेसमैन जयपाल सिंह कोहली ने बेटी साहिबा कौर कोहली के साथ
सरकार इस दिन लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा, लिंग अनुपात, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन करती है। इन अभियानों के जरिए बालिकाओं और लड़कियों के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव लाया जाता है और उनको जागरुक किया जाता है कि लड़की और लड़का बराबर हैं। इन अभियानों की ही बदौलत अब ग्रामीण इलाकों में भी लड़कियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता में तब्दीली आई है। साल 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता में आने के एक साल बाद 2015 में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की थी जिसका समाज में सकारात्मक असर देखने को मिला और बेटियों के खिलाफ होने वाले भेदभाव की मानसिकता में जागरुकता आई है।
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राष्ट्रीय बालिका दिवस
- फोटो : अमर उजाला
बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरुकता बढ़ाना, बालिकाओं के प्रति होने वाली असमानता को दूर करना और उनके शिक्षा एवं स्वास्थ्य को महत्व देने की दृष्टि से राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन किया जाता है। दरअसल, किसी भी सशक्त समाज का निर्माण बिना बालिकाओं के संभव नहीं है और उनकी भागीदारी देश से लेकर समाज हर जगह है। ऐसे में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए जागरुकता फैलाने के साथ ही यह भी आवाह्न किया जाता है कि लड़कियों को भी लड़कों की तरह समाज सुविधाएं मिले।
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