दुनिया भर में
लिव-इन में रहने का चलन पिछले कुछ दशकों में देखने को मिला है। लिव-इन वो रिश्ता है जिसमें दो एडल्ट, एक दूसरे के साथ
शादी किए बिना साथ रहते हैं।
इस चलन के साथ दुनिया भर में शादी से इसकी तुलना भी शुरू हो गई। शादी बेहतर है या लिव-इन इसको लेकर अलग अलग समाज के लोगों के बीच अध्ययन भी हो रहे हैं ऐसा एक रियलिटी चेक ब्रिटिश समाज को लेकर भी सामने आया है।
किस रिलेशनशिप पर है लोगों को ज्यादा यकीन 'लिव-इन' या 'शादी'?
हालांकि ये अध्ययन केवल ब्रिटिश समाज का है, पर इससे एक झलक तो रिश्तों के ताने बाने की मिलती है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है ये अध्ययन?
इंग्लैंड और वेल्स के नेशनल स्टैटिक्स ऑफिस (ONS) के आंकड़ों के मुताबिक कुछ ही कपल तलाक ले रहे हैं, क्या ये जश्न का कारण हो सकता है?
किस रिलेशनशिप पर है लोगों को ज्यादा यकीन 'लिव-इन' या 'शादी'?
इन आंकड़ों के मुताबिक 2015 में इंग्लैंड और वेल्स में 101,055 कपल ने तलाक लिया। इसके पहले साल के आंकड़ों के मुकाबले यह 9.1 फीसदी कम था और 2003 में जब ऐसे मामले ज्यादा बढ़े थे उससे 34 फीसदी कम था 2015 के आंकड़े बताते हैं कि महिला और पुरुष दोनों में तलाक की दर 9.3 से गिरकर 8.5 पर आ गई।
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शादी के आंकड़े
बीते 45 सालों से अपोजिट सेक्स के पार्टनर से शादी करने वालों लोगों की संख्या में भी कमी आई है। साल 2014 में 247,372 जोड़ों ने इंग्लैंड और वेल्स में शादी की।
यह आंकड़ा 2013 के मुकाबले थोड़ा ज्यादा था। 2013 में सबसे कम शादियां होने का रिकॉर्ड है।
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ओएनएस का मानना है कि ऐसा इसलिए भी हो सकता है कि लोगों ने 13 की अशुभ गिनती की वजह से शादी टाल दी हो हालांकि शादियों का ट्रेंड ऐसा रहा है कि 1972 में रिकॉर्ड तोड़ 426,000 शादियां हुईं।