कोरोनाकाल में छोटे बच्चों का इन तरीकों से घर में ही लगाएं मन, नहीं करेंगे चिढ़चिढ़
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बाल-पत्रिकाएं दें
छोटे बच्चों को बाल-पत्रिकाएं देखना अच्छा लगता है। 4 वर्ष से ऊपर के बच्चे तो थोड़ा बहुत पढ़ना भी सीख ही जाते हैं इसलिए उन्हें बाल पत्रिका के शब्दों को जोर से पढ़ने को कहें। जिन बच्चों को पढ़ने नहीं आता है उन्हें चित्र दिखाते हुए आप अलग-अलग अंदाज में कहानियां सुनाए, ये तरीका उन्हें खूब मन भाएगा और वे बाहर जाने की जिद ही नहीं करेंगे।
व्यस्त रखें
छोटे बच्चों को आप जितना अधिक व्यस्त रखेंगे, उतना ही अच्छा होगा, वे किसी अन्य चीज के लिए जिद नहीं करेंगे। यदि आप बर्तन धो रहे हैं तो काम करवाने का झूठ बहाना बनाकर उन्हें भी अपने साथ बैठा लें। जब आप कपड़े सूखाने जा रही हैं तो उन्हें भी अपने साथ ले जाएं और छोटे कपड़े उन्हें सूखाने के लिए दें। इस तरह से आप आराम से कुछ समय के लिए उन्हें व्यस्त कर सकते हैं।
कलर बुक दें
छोटे बच्चे मोबाइल ज्यादा न चलाएं और घर में भी बैठे रहें इसके लिए आप उन्हें कलर बुक दें और बताएं कहां कौनसा रंग भरना है। ऐसा करने से वे आराम से एक से दो घंटे के लिए व्यस्त हो जाएंगे, साथ ही उनके भीतर की रचनात्मकता भी बाहर आएगी। जब उनका काम पूरा हो जाए तो मनोबल बढ़ाने के लिए उनकी तारीफ करना न भूलें।
योग करवाएं
बच्चों की दिनचर्या को व्यवस्थित रखें ताकि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। सुबह अपने साथ उन्हें योग व कसरत करवाएं ताकि उनकी आदत डल जाए। शाम में भी जब मौसम थोड़ा ठंडा होने लगे ते उन्हें छत पर ले जाकर ही थोड़ी वॉक करवाएं। अगर हो सके तो आपके उनके साथ लंगड़ी खेलें। यह उन्हें बहुत अच्छा लगेगा। वे रोज खुद से आपसे खेलने की जिद करेंगे।