शादी एक ऐसा बंधन होता है, जिसमें बंधने के बाद लड़के और लड़की की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है। ये बंधन जन्मों जन्मांतर का होता है। ऐसे में यदि शादी के रिश्ते में पार्टनर साथ देने वाला न हो, तो रिश्ता निभाना काफी मुश्किल हो जाता है। चाहे परिवार वालों की मर्जी से अरेंज मैरिज की जाए, या फिर खुद की मर्जी से लव मैरिज, दोनों के ही अपने-अपने फायदे और अपने-अपने अलग नुकसान हैं। शादी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। इसलिए, जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय समझदारी से काम लेना जरूरी है। मुलाकातों की संख्या हर व्यक्ति और परिस्थिति पर निर्भर करती है, लेकिन सही निर्णय लेने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं।
{"_id":"67b5afc685cb03417201a8f1","slug":"how-many-times-is-it-necessary-to-meet-before-arranged-marriage-keep-these-things-in-mind-disprj-2025-02-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Arrange Marriage: अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी? फैसला लेते वक्त इन बातों का रखें ध्यान","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
Arrange Marriage: अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी? फैसला लेते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
Wed, 19 Feb 2025 03:49 PM IST
दीक्षा पाठक
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 19 Feb 2025 03:49 PM IST
सार
Marriage Tips: शादी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। इसलिए, जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय समझदारी से काम लेना जरूरी है। मुलाकातों की संख्या हर व्यक्ति और परिस्थिति पर निर्भर करती है, लेकिन सही निर्णय लेने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं।
विज्ञापन
अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी
- फोटो : अमर उजाला
कितनी बार करनी चाहिए मुलाकात?
हर व्यक्ति और परिवार अलग होता है, इसलिए मुलाकातों की संख्या भी भिन्न हो सकती है,लेकिन 3 से 5 बार मुलाकात करना एक अच्छा औसत माना जाता है। इससे आप एक-दूसरे को समझने और जानने का समय पा सकते हैं। कुछ लोग 2-3 मुलाकातों में ही निर्णय ले लेते हैं, जबकि कुछ को 6-7 बार या उससे ज्यादा मिलना पसंद होता है।
अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी
- फोटो : Adobe Stock
हर मुलाकात में किन बातों पर ध्यान दें?
दूसरी मुलाकात: गहरी बातचीत और विचारों की समानता
तीसरी मुलाकात: यह देखना कि तालमेल कितना बैठ रहा है
- पहली मुलाकात: परिचय और प्रारंभिक समझ
- बेसिक जानकारी – शिक्षा, नौकरी, परिवार के बारे में बात करें।
- रुचियां और शौक – क्या पसंद है, क्या नापसंद, जैसे म्यूजिक, फिल्में, ट्रैवलिंग आदि।
- आरामदायक माहौल में मिलें – जैसे कैफे, रेस्तरां या किसी सार्वजनिक जगह पर।
दूसरी मुलाकात: गहरी बातचीत और विचारों की समानता
- जीवन के लक्ष्य और सपने – करियर प्लान, लाइफस्टाइल और भविष्य के विचार।
- पारिवारिक मूल्य और परंपराएं – शादी के बाद परिवार के प्रति उम्मीदें और जिम्मेदारियां।
- धार्मिक और सांस्कृतिक विचार – त्योहारों, रीति-रिवाजों के प्रति नजरिया।
तीसरी मुलाकात: यह देखना कि तालमेल कितना बैठ रहा है
- व्यक्तित्व और व्यवहार – उनकी सोच, स्वभाव, हंसी-मजाक, गंभीरता।
- किसी मुद्दे पर विचार-विमर्श – देखें कि वे असहमति को कैसे संभालते हैं।
- दोस्तों या भाई-बहनों से परिचय – उनके करीबियों के साथ मिलने पर उनके बारे में और जान सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी
- फोटो : freepik
चौथी मुलाकात: जिम्मेदारियों और उम्मीदों की बातचीत
पांचवीं मुलाकात: निर्णय के करीब
- शादी के बाद की उम्मीदें – नौकरी, घर का प्रबंधन, बच्चों की योजना।
- फाइनेंशियल मैनेजमेंट – खर्च, बचत और निवेश की आदतें।
- करियर और पर्सनल लाइफ का बैलेंस – करियर प्राथमिकता, पार्टनर के सपोर्ट की उम्मीदें।
पांचवीं मुलाकात: निर्णय के करीब
- दोनों परिवारों के साथ अनौपचारिक मुलाकात – पारिवारिक माहौल को समझने का मौका।
- खुलकर अपनी चिंताओं और सवालों को साझा करें।
- फाइनल कंफर्मेशन या और समय की जरूरत महसूस होने पर ईमानदारी से बात करें।
विज्ञापन
अरेंज मैरिज करने से पहले कितनी बार मुलाकात है जरूरी
- फोटो : freepik
क्या हर बार अकेले मिलना जरूरी है?
शुरुआती 1-2 बार अकेले मिलना बेहतर है, ताकि आप स्वतंत्र रूप से बात कर सकें। बाद में परिवार के साथ मुलाकात करने से आप उनकी पारिवारिक संस्कृति और माहौल को भी समझ सकते हैं।
अंतिम निर्णय कैसे लें?
शुरुआती 1-2 बार अकेले मिलना बेहतर है, ताकि आप स्वतंत्र रूप से बात कर सकें। बाद में परिवार के साथ मुलाकात करने से आप उनकी पारिवारिक संस्कृति और माहौल को भी समझ सकते हैं।
अंतिम निर्णय कैसे लें?
- अगर 80% विचार, मूल्य और प्राथमिकताएं मिलती हैं, तो सकारात्मक निर्णय ले सकते हैं।
- अगर बहुत ज्यादा असमानताएं हैं, तो बेहतर है और समय लें या दोबारा सोचें।