देव उठनी ग्यारस अर्थात तुलसी विवाह का त्योहार आ रहा है। इसके साथ ही पिछले कुछ महीनों से विवाह जैसे पुण्य प्रसंग पर लगी रोक हट जाएगी और बड़े पैमाने पर विवाह के आयोजन होने लगेंगे। यह विशेषकर हिन्दू तिथि के अनुसार एक पर्व है। वैसे अन्य धर्मों में सालभर भी विवाह आयोजन होते हैं। मुख्य बात यह है कि धर्म चाहे कोई भी हो, विवाह वह रस्म है जो दो लोगों के साथ-साथ दो परिवारों को भी जोड़ती है। ऐसे में अगर इस रिश्ते की शुरुआत में ही समस्याएं सामने आने लगे तो? इसके लिए हमारे देश में कुछ धर्म और समाजों में विवाह पूर्व कुंडली मिलाने की परंपरा है। कुंडली मिलान को कई लोग प्राथमिकता देते हैं और यह माना जाता है कि अच्छी कुंडली मिलाने से रिश्ते ज्यादा टिकते हैं। अब यह दावे कितने सटीक हैं, यह इतर बात है क्योंकि शादियां तो उनकी भी होती हैं और लंबी चलती है जो कुंडलियां नहीं मिलाते।
शादी से पहले जरूर कराएं 'मेडिकल कुंडली' का मिलान, पति-पत्नी के रिश्ते की डोर होगी मजबूत
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क्या है मेडिकल कुंडली?
मेडिकल कुंडली से मतलब है उन तमाम जांचों और बातों से, जो विवाह के पूर्व क्लियर होनी चाहिए। इसमें मेडिकल जांचों के साथ-साथ शारीरिक अवस्था या बीमारी से जुड़ी बातों को लेकर स्पष्टता रखना भी शामिल हैं।
अक्सर आपने यह सुना या देखा होगा कि शादी के बाद लड़के वालों या लड़की वालों का छुपाया ऐसा राज बाहर आया जिसका सम्बन्ध लड़के या लड़की की शारीरिक स्थिति या किसी बीमारी से था। कई बार ऐसी शारीरिक अवस्था दम्पत्ति के भविष्य के लिहाज से खतरा बन जाती है। इससे रिश्ते तो टूटते हैं ही, भरोसा भी टूट जाता है।
इन बातों पर करें गौर:
रिश्ते बने रहें और भविष्य सुखद हो इसलिए जरूरी है कि विवाह होने से पहले कुछ स्थितियों को लेकर स्पष्टता रखी जाए। इसे हम दो कैटेगरी में बांट सकते हैं। पहली वे भावनात्मक या सामाजिक स्थितियां जो न बताए जाने पर दम्पत्ति के आने वाले कल के लिए समस्या पैदा कर सकती हैं। दूसरी वे चिकित्सीय स्थितियां, जिनका स्पष्ट होना हर तरह से जरूरी है।
भावनात्मक या सामाजिक स्थितियां:
- लड़की और लड़के दोनों की पढ़ाई को लेकर स्पष्टता। दोनों के पास क्या डिग्रियां हैं या क्या वे आगे भी पढ़ाई करेंगे, आदि
- लड़का या लड़की के जॉब को लेकर स्पष्टता।
- यदि लड़की या लड़का इकलौता है तो उसकी जिम्मेदारियों से सम्बंधित स्पष्टता।
- लड़के-लड़की के आर्थिक स्तर से सम्बंधित स्पष्टता।
- रिश्तेदारों से सम्बंधित स्पष्टता। यदि कोई ऐसी बात किसी रिश्तेदार से सम्बंधित है जो आगे जाकर रिश्तों में खटास पैदा कर सकती, तो उसे अवश्य स्पष्ट करें।
- खान-पान या पहनावे को लेकर स्पष्टता। हालांकि यह बहुत ही सामान्य चीजें हैं लेकिन कई बार इनकी वजह से भी दो लोगों और दो परिवारों के रिश्ते टूटते हैं।
मेडिकल जांच
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थिति है और इसकी स्पष्टता बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसी कोई बात छुपाकर आप किसी एक व्यक्ति और उसके पूरे परिवार के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे होते हैं। वे जरूरी जांचें जो विवाह पूर्व लड़का-लड़की दोनों की होनी ही चाहिए और उन बातों की स्पष्टता जो शारीरिक-मानसिक स्थिति से सम्बंधित हैं उनमें शामिल हैं-
- ब्लड ग्रुप व ब्लड संबंधी अनियमितताओं की जांच।
- प्रजनन क्षमता की जांच
- सामान्य यौन संक्रमण सम्बन्धी जांच
- एचआईवी जांच