Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि देवी पूजा का पर्व है। नवरात्रि के मौके पर माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। भारत पुरुष प्रधान देश है, लेकिन यहां महिलाओं को देवी माना जाता है। परिवार की बेटियों और बहुओं को माता लक्ष्मी का स्वरूप मानते हैं। माता को देवी अन्नपूर्णा समझा जाता है। भले ही महिलाएं नवदुर्गा का ही स्वरूप हैं, समाज में उनका ओहदा व भूमिका भी उतनी ही सम्मानित है लेकिन नारी को यह सम्मान मिलता नहीं। घर-परिवार में पुरुष ही नारी का नेतृत्व करते हैं, उनके जीवन से जुड़े फैसले लेते हैं। कैसे रहना है, क्या भविष्य होगा, यह सब पिता, भाई और पति पर निर्भर करता है। भले ही पुरुष अपने परिवार की महिलाओं के खुशहाल और सुरक्षित जीवन के लिए निर्णय लेते हैं लेकिन महिलाओं को उनके अधिकार देना चाहिए। नवरात्रि के मौके पर देवी पूजन कर रहे हैं तो इस वर्ष अपने जीवन से संबंधित महिलाओं से कुछ वादे करें। महिलाओं से किए जाने वाले ये वादे उनके भविष्य को अधिक सुरक्षित, सम्मानित बनाएंगे।
Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि के मौके पर महिलाओं से करें ये वादे, हर नारी का बढ़ेगा सम्मान
खुद फैसला लेने का अधिकार दें
आज भी भारतीय समाज में पत्नी, बहन, बेटी और माता के जीवन का फैसला पुरुष ही करते हैं। पहले पिता, फिर पति और बाद में बेटा तय करता है कि महिला का जीवन कैसा होगा। अगर महिला कोई फैसला खुद से लेती है तो उनके लिए यह सही है या नहीं, इस बात का निर्णय भी पुरुष ही लेते हैं। इस नवरात्रि परिवार की महिलाओं से वादा करें कि आप उन्हें अपने जीवन का फैसला लेने की स्वतंत्रता देंगे।
हर फैसले में साथ देने का करें वादा
फैसला लेने का अधिकार देने के साथ ही हर पुरुष को महिला से वादा करना चाहिए कि उनके फैसलों में साथ देंगे। बेटी या बहन अपनी शिक्षा या करियर के लिए जो भी फैसला लेगी, आप उनका साथ देंगे और मार्गदर्शन करेंगे, ताकि वह अकेला महसूस न करें और निडरता के साथ अपने लिए गए फैसलों के मार्ग पर चल सकें।
आत्म निर्भर बनाने का वादा
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्हें पिता, भाई, पति या बेटे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, इस की सीख दें। लड़की को शिक्षित करें, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही आत्मरक्षा के गुण भी सिखाएं ताकि वह जब भी घर से बाहर निकले तो खुद की सुरक्षा कर सके।
सम्मान करने का वादा
महिला गृहणी हो या नौकरीपेशा, लेकिन उसका परिवार में मान सम्मान पुरुष की तुलना में कम रहता है। इस रूढ़िवादी सोच को खत्म करते हुए महिला को भी परिवार में पुरुषों के समान सम्मान देने का वादा करें। उनके सम्मान को कभी ठेस न पहुंचाने का वादा करें।